यूएई और भारत के बीच करार से पाक है 'बेकरार'
अबु धाबी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो दिनों की यूएई यात्रा से भारत लौट आए हैं। यूएई का यह दौरा देश के लिए जहां सफल साबित हुआ वहीं यूएई के साथ संबंधों को एक नया आयाम मिला। लेकिन इस दौरे के बाद पाकिस्तान की नीदें उड़ी हुई हैं। यूएई के शेखों साथ अभी तक पाक के अच्छे रिश्तों की वजह से उसकी आतंकी गतिविधियों पर भी पर्दा पड़ा रहता था। अब पाक के नापाक इरादों से पर्दा उठने का समय आ गया है। पीएम मोदी और यूएई के शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयन के बीच जो मुलाकात हुई है, उससे पाक की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।

यूएई और भारत के बीच हुई एक डील में यूएई ने वादा किया है कि वह आतंकवाद के मुद्दे पर भारत के साथ आएगा। इस डील के साथ पाक में मौजूद आतंकी संगठनों लश्कर-ए-तैयबा को अब यूएई में आसानी से पनाह नहीं मिल सकेगी।
यह पहली बार है जब यूएई ने पाक को किनारे कर भारत को इस मुद्दे पर सहयोग देने का फैसला किया है। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने इस बाबत जानकारी दी है।
यूएई के साथ हुए एक करार के तहत दोनों देशों के बीच न सिर्फ आतंकवाद और इससे जुड़ी गतिविधियों पर इंटेलीजेंस का आदान-प्रदान होगा बल्कि यहां से होने वाली टेरर फंडिंग पर भी लगाम लग सकेगी।
दोनों देशों के बीच हुए इस समझौते के मुताबिक दोनों ही देश आतंकी वारदातों को नियंत्रित करने के लिए काम करेंगे। आपको बता दें कि पाक में मौजूद आतंकी संगठन अभी तक यूएई को अपनी सुरक्षित पनाहगार के तौर पर प्रयोग करते आए हैं। अब यूएई इन संगठनों के खिलाफ भारत के साथ मिलकर कार्रवाई करेगा।
यूएई की ओर से जो बयान जारी किया गया है उसमें भी यूएई में मौजूद आतंकी संगठनों के सफाए और आतंकियों को सजा देने की बात कही गई है। साथ ही आने वाले समय में पीएम मोदी और दुबई के शेख की मुलाकात तो होगी ही साथ में दोनों देशों के बीच एनएसए स्तर की वार्ता को भी बढ़ाया जाएगा।
इससे पहले सोमवार को पीएम मोदी ने भी दुबई से पाक का साफ संदेश दे दिया था कि अब आतंकवाद को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यूएई से भी अपील की थी कि वह भी पाक जैसे मुल्कों का साथ छोड़कर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में शामिल हो।












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