2010 में लादेन के रहमो-करम में नवाज शरीफ ने लड़ा था चुनाव!
इस्लामाबाद। एक किताब में दावा किया गया है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने वर्ष 2010 में पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए अलकायदा चीफ और आतंकी ओसामा बिन लादेन से पैसे लिए थे।

पाकिस्तान के एक इंग्लिश डेली डेली पाकिस्तान की ओर से छपी एक खबर में यह बात कही गई है।
इस खबर के मुताबिक आईएसआई के पूर्व ऑपरेटिव खालिद ख्वाजा की पत्नी शमामा खालिद ने अपनी किताब 'खालिद ख्वाजा : शहीद ए अमन' में किया है।
किताब के मुताबिक पीएमएल प्रमुख मोहम्मद नवाज शरीफ ने अलकायदा फाउंडर ओसामा बिन लादेन से भुट्टो के खिलाफ चुनाव में उतरने के लिए अच्छी खासी रकम ली थी।
किताब के अनुसार, यह पैसे जिया शासन के खत्म होने के बाद लिए गए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद शरीफ ने ओसामा से किए अपने वादे पर मुकर गए।
उन्होंने किताब में कुछ दस्तावेजों के आधार पर लिखा, ओसामा से नवाज को मिलाने में ख्वाजा ने अहम भूमिका निभाई थी और वह नवाज शरीफ के काफी करीबी भी थे।
किताब में बताया गया है कि ख्वाजा 26 मार्च 2010 को नॉर्थ वजीरिस्तान में दाखिल हुआ था।
उस समय उसके साथ एक पत्रकार और एक रिटायर्ड कर्नल भी था जिनकी हत्या कर दी गई थी। हालांकि बाद में ख्वाजा का भी कुछ नहीं पता चला था।
शमामा ने अपनी किताब में लिखा है कि कई जगहों पर ख्वाजा की मदद लश्कर ए झांगी संगठन ने भी की थी जिसका चीफ उस्मान पंजाबी था।
इस किताब में शमामा ने ख्वाजा की मौत के पीछे भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ और अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए का हाथ भी बताया है।












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