आईएसआई अफसरों समेत 500 पाकिस्तानी नागरिक भी अमेरिका के अफगान बम हमले में ढेर
पाकिस्तानी आर्मी के सूत्रों का कहना अमेरिका के बम हमले में हुई 500 पाकिस्तानी नागरिकों की भी मौत। अफगानिस्तान आर्मी के साथ मिलकर अमेरिकी सेना ने नागहर प्रांत पर गिराया है अपना सबसे बड़ा बम।
वॉशिंगटन। गुरुवार को अफगानिस्तान के नागहर प्रांत पर अमेरिका ने अपना सबसे बड़ा बम गिराया है और इस बम का निशाना यहां पर स्थित आईएसआईएस की सुरंगें भी थें। इस हमले में 500 पाकिस्तानी नागरिकों की भी मौत हो गई है। नागहर प्रांत पर आईएसआईएस नियंत्रित कर रही थी और पाकिस्तानी आर्मी इसकी सुरक्षा में लगी हुई थी।

आईएसआई दे रही थी आतंकियों को सुरक्षा
अमेरिका की सेना ने अफगानिस्तान आर्मी की 201 सेलाब कॉर्प्स के साथ मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया है। जिन सुरंगों में आईएसआईएस के आतंकी छिपे हुए थे उन्हें हमले में खासतौर पर निशाना बनाया गया है। सूत्रों की मानें तो यह बात साफ हो चुकी है कि इस इलाके में मौजूद आईएसआईएस आतंकियों को पाकिस्तान सेना का संरक्षण हासिल था। भारतीय एजेंसियों ने अफगानिस्तान में स्थित अपने समकक्षों से जब इस पूरे मसले पर जानकारी मांगी तो उन्होंने बताया कि हमले में किसी भी आम नागरिक की मौत नहीं हुई है। यहां पर पाक इंटेलीजेंस एजेंसी आईएसआई के जासूस बड़ी संख्या में मौजूद थे और जो आईएसआईएस आतंकियों को सुरक्षा प्रदान कर रहे थे। अमेरिका का यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अफगानिस्तान में आईएसआईएस ने अपने पैर मजबूती से जमा लिए थे।
काफी गहरा है इस बम का असर
भारतीय एजेंसियों का कहना है कि पाकिस्तान की सेना और आईएसआई, आईएसआईएस ऑपरेटिव्स को संरक्षण प्रदान कर रही थी। इस पूरे इलाके पर जो बम गिराया गया है उसका असर इतना गहरा है कि 500 पाकिस्तानी और इतनी ही संख्या में आईएसआई ऑपरेटिव्स की भी मौत हुई है। नागहर को अफगानिस्तान का गढ़ माना जाता है। पेंटागन की ओर से जो बयान जारी हुआ है उसके मुताबिक यह पहला मौका है जब अमेरिका ने 21000एलबी वाले बम का प्रयोग किया है। इस बम जिसे जीबीयू-43 कहते हैं, उसे अमेरिकी सेना ने एमसी-130 एयरक्राफ्ट के जरिए नागहर पर गिराया था।












Click it and Unblock the Notifications