बुजुर्ग की मौत के 11 घंटे बाद पॉजिटिव आई रिपोर्ट, बेटे ने खुद बैग में कवर किया शव, जांच के आदेश

नोएडा। नोएडा में 68 वर्षीय एक बुजुर्ग को कोरोना जांच के लिए अपने सैंपल देने के लिए तीन अस्पतालों के चक्कर काटने पड़े। जांच रिपोर्ट में बुजुर्ग कोरोना पॉजिटिव निकले, लेकिन इससे पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया था। बुजुर्ग के बेटे का आरोप है ​कि रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बावजूद उसे किसी प्रकार की मेडिकल सुविधा नहीं मिली। उसने खुद ही अपने पिता के शव को पैक किया, इसके बाद रात 11 बजे श्मशान घाट पर अं‍ति‍म संस्‍कार किया। बता दें, पूरे मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं।

कोरोना की जांच के लिए बुजुर्ग ने काटे तीन अस्पतालों के चक्कर

कोरोना की जांच के लिए बुजुर्ग ने काटे तीन अस्पतालों के चक्कर

अधिकारियों के मुताबिक, 8 जून को एक प्राइवेट लैब में COVID-19 की जांच कराने से पहले बुजुर्ग ने ग्रेटर नोएडा में सरकारी चिकित्सा विज्ञान संस्थान सहित तीन अस्पतालों के चक्कर काटे थे। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, बुजुर्ग ने प्राइवेट शारदा अस्पताल में अपना सैंपल दोपहर करीब 12.45 दिया था, अगले दिन उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई थी। इस बीच बुजुर्ग सेक्टर 82 स्थित अपने घर लौट आया था। रिपोर्ट आने से पहले उनकी मौत हो गई।

बेटे ने सोशल मीडिया पर बयां किया दर्द

बेटे ने सोशल मीडिया पर बयां किया दर्द

बुजुर्ग के बेटे ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा था, ''मेरे पिता की कोरोना जांच रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है, कोरोना संदिग्ध होने के बावजूद कोई भी सुझाव नहीं देने आया कि शव के साथ क्या करना है। कोई भी मदद के लिए आगे नहीं आना चाहता था।'' काफी कोशिशों के बाद पिता की मौत के करीब 11 घंटे बाद उन्हें बैग दिया गया, जिसमे उन्होंने और उनकी पत्नी ने खुद पीपीई किट पहनने के बाद शव को पैक किया। रात 11 बजे सेक्टर 94 के श्मशान घाट पर उन्होंने अंतिम संस्कार किया। इस मामले में अधिकारियों का कहना है कि नियमों के मुताबिक, किसी भी कोविड-19 पॉजिटिव व्यक्ति के शव को बैग में पैक करने, उसके अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की है। गौतम बुद्ध नगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी दीपक ओहरी ने बुधवार को कहा कि मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।

क्या कहते हैं जिम्मेदार?

क्या कहते हैं जिम्मेदार?

इस मामले में शारदा अस्पताल के प्रवक्ता अजीत कुमार ने पीटीआई को बताया, "हमने केवल इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च दिशानिर्देशों का पालन किया है, मरीज को होम क्वारंटाइन के लिए जाने दिया गया था।'' ICMR प्रोटोकॉल के मुताबिक, COVID-19 लक्षणों वाले व्यक्ति की पहले जांच की जाती है, फिर फिर परिणाम सकारात्मक पाए जाने पर भर्ती कराया जाता है, लेकिन यह निगेटिव होने पर व्यक्ति को घर भेज दिया जाता है। इसमें यह भी कहा गया है कि जिन लोगों में लक्षण नहीं दिखते हैं, उन्हें रिजल्ट आने तक होम क्वारंटाइन के लिए घर भेज दिया जाता है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+