Noida: स्कूल गेट से दो छात्रों के अपहरण की नाकामयाब कोशिश, बच्चों के काम आ गई माँ-बाप की ये सीख
नोएडा से सामने आए इस सनसनीखेज मामले ने स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के पेरेंट्स की चिंता बढ़ा दी है। सेक्टर-28 के एक निजी स्कूल के बाहर से दो बच्चों को एक अज्ञात संदिग्ध व्यक्ति ने अगवा करने की कोशिश की है। उसने बच्चों को पहले प्यार से बहला-फुसलाकर अपने साथ चलने को कहा और जब बच्चे नहीं माने तो जबरन ले जाने की भी कोशिश की। बच्चे जैसे-तैसे खुद को बचाकर स्कूल के अंदर भाग गए, जिससे अपहरणकर्ता अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाया।
'मम्मी की तबीयत ठीक नहीं है, मेरे साथ चलो'
बता दें कि नोएडा के सेक्टर 28 में मौजूद विश्व भारती पब्लिक स्कूल के बाहर से दो बच्चों को अगवा करने का प्रयास किया गया है। बच्चों के पैरेंट्स के मुताबिक जैसे ही बच्चे स्कूल के गेट पर पहुंचे दो आरोपी जो पहले से गेट के पास मौजूद थे, उन्होंने बच्चों को रोका और कहा कि आपकी मम्मी की तबीयत ठीक नहीं है। उन्होंने हमें आपको घर लाने को कहा है। वो तो गनीमत रही कि बच्चों को उनके माता-पिता द्वारा सिखाई गई वो बात याद आ गई कि 'किसी अंजान व्यक्ति का दिया न तो कभी कुछ खाना है और न उसके साथ कहीं जाना है', और वो दौड़कर स्कूल के अंदर चले गए।

बच्चों के काम आई माँ-बाप की सीख
वहीं इस घटना के बाद से बच्चों के पैरेंट्स सहमे हुए हैं। लड़के की मां ने बताया कि गुरुवार को छुट्टी के समय बारिश होने के कारण स्थिति और बदतर हो गई थी। इसी दौरान एक व्यक्ति मेरे बेटे के पास आया और बड़े प्यार से उसे अपने साथ घर चलने के लिए कहा। मेरा बेटा जब चलने को राजी नहीं हुआ तो उसने उसका बैग खींचने की कोशिश की। बेटा डर गया और स्कूल के अंदर भाग गया। इसके बाद उस कथित अपहर्ता ने 10 वर्षीय बच्ची को भी इसी प्रकार की बात कही। उसने उसकी भी मम्मी की तबीयत खराब होने की बात की और साथ चलने का अनुरोध किया। लड़की भी स्कूल के भीतर भाग गई।
स्कूलों में हैं पहले से ये नियम
उधर स्कूल प्रबंधन इस घटना पर कुछ भी कहने और बोलने से कतरा रहा है। हालांकि बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी स्कूल की होती है। इसके लिए नोएडा के कई स्कूलों में नियम भी बनाए गए हैं। जिसके तहत अभिभावक या उनके प्रतिनिधियों के अलावा किसी को भी बच्चे को लेकर जाने की अनुमति नहीं है। अभिभावकों को कार्ड जारी किया गया है। इसे लेकर आने वालों को ही बच्चों को गेट से बाहर निकाला जाता है। कोई भी बिना अनुमति के स्कूल के गेट में प्रवेश नहीं कर सकता है। जूनियर कक्षाओं के छात्रों के लिए यह नियम और भी सख्त है।












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