सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर बोले राकेश टिकैत- हाईवे हमने नहीं पुलिस ने ब्लॉक कर रखा है, वो ब्लॉकेज हटाएं

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के 3 कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की इजाजत मांग रहे किसान संगठनों को सुप्रीम कोर्ट ने आज नसीहत दे डाली। सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका मिलने पर कहा कि, "आप (आंदोलनकारियों) ने पूरे दिल्ली शहर का दम घोंट दिया...हाईवे जाम कर रखा है। आपको प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन हाईवे को ब्लॉक कर आमजन को परेशानी में नहीं डाल सकते। आमजन को भी आवाजाही को हक है।"

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    सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर ये बोले राकेश टिकैत

    सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर ये बोले राकेश टिकैत

    सुप्रीम कोर्ट की आज की गई सख्त टिप्पणी पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने प्रतिक्रिया दी है। किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि, "हाईवे हम (आंदोलनकारियों) ने नहीं पुलिस ने ब्लॉक कर रखा है। और हमसे दिल्ली बंद नहीं है..देखिए सिंघू बॉर्डर पर भी अंदर तक गाड़ियां चल रही हैं। आगे के बॉर्डर हटा दें तो गाड़ियां आगे निकल जाएंगी। असली बात यह है कि..पुलिस के ब्लॉकेज से हमें भी परेशानी है। वो रोक देंगे तो हम आगे दिल्ली चले जाएंगे।"

    किसानों के पास आंदोलन के सिवा क्या रास्ता

    किसानों के पास आंदोलन के सिवा क्या रास्ता

    राकेश टिकैत ने कहा कि, "साहब, हम तो चाहते हैं सरकार हमसे बात करके इसका समाधान करे। किसान बड़े परेशान हैं..महीनों से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं..उनकी सुनी नहीं जा रही।"
    इसके साथ ही टिकैत ने हरियाणा सरकार पर निशाना साधा। टिकैत ने ​ट्वीट करके कहा कि, हरियाणा सरकार ने किसानों की धान खरीद को 11 अक्टूबर तक टाल दिया है, जो किसानों के साथ धोखा है।किसान धान को लेकर मंडी में पड़ा है। परेशान हो रहा है। हमारी मांग है कि, सरकार इस किसान विरोधी निर्णय को तुरंत वापस ले अन्यथा किसानों के पास आंदोलन के सिवा रास्ता क्या?"

    केंद्र सरकार पर लगाया झूठ बोलने का आरोप

    केंद्र सरकार पर लगाया झूठ बोलने का आरोप

    इससे पहले टिकैत ने केंद्र सरकार पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। टिकैट ने कल कहा कि, सरकार मीडिया से कहती है कि वह किसानों से बात करने के लिए तैयार है जबकि किसान बात नहीं कर रहे हैं। सरकार अपनी शर्त पर बात करना चाहती है, ऐसी बातचीत में किसान हिस्सा नहीं लेंगे। सरकार कह चुकी है कि वह कृषि कानूनों को वापस नहीं लेगी, इसका मतलब है कि उन्होंने पहले ही इसे तैयार कर लिया है और किसान से चाहते हैं कि वह बस इस कानून पर अपने हस्ताक्षर कर दें। इसके साथ ही राकेश टिकैत ने मीडिया को लेकर अपने बयान पर सफाई दी। टिकैत ने कहा कि, मैंने कल कुछ कहा था उसका गलत मतलब निकाला गया है। दरअसल मैंने कहा था कि हमारा अगला टार्गेट मीडिया हाउस हैं। हमने मीडिया के खिलाफ कभी भी कुछ नहीं कहा है। सरकार को स्पष्ट तौर पर चेतावनी देते हुए टिकैत ने कहा कि, "अगर सरकार कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती है तो हम हर राज्य को राजधानी दिल्ली बना देंगे। जो भी राज्य किसानों का साथ नहीं देगा उसे दिल्ली बनाने में हमे समय नहीं लगेगा। यही नहीं टिकैत ने कहा कि अगर यह आंदोलन विफल हुआ तो देश में कोई भी आंदोलन सफल नहीं हो पाएगा।"

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