अधूरा रह गया शीला का सपना, केजरीवाल पर लगाया बदले की भावना से काम करने का आरोप

75 साल की शीला को अपनी सत्ता के साथ-साथ अप ना आलिशान बंगला भी गंवाना पड़ा है। अब वो एक किराए के मकान में फिल्में देखकर और अपने निजी अपार्टमेंट की साज-सज्जा पर टाइम पास कर रही है।
कांग्रेसस ने भी दिल्ली की हार का सारा ठीकरा शीला दीक्षित के माथे मढ़कर खुद को किनारा कर लिया। पार्टी से अपेक्षा की शिकार शीला दीक्षित यूं तो बोलते समय शब्दों का ध्यान रखती हैं, लेकिन पार्टी और खुद की हार पर उनकी निराशा साफ नजर आ जाती है। हार के बाद अब वह बिजली, शिक्षा, सड़कों और अस्पतालों आदि का हवाला देते हुए अपनी उपलब्धियां याद करती हैं। जनलोकपाल के मुद्दे पर इस्तीफा दे चुके अरविंद केजरीवाल पर वोट लेने के लिए असंभव वायदे करने के आरोप लगाते हुए शीला दीक्षित ने कहा कि दिल्ली के लिए मेरा सपना अधर में रह गया।
अरविंद केजरीवाल की सरकार पर वादाखिलाफी का आरो लगाते हुए उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने मुफ्त पानी, सस्ती बिजली, आवास, नौकरियों के वायदे केवल उनसे पीछे हट जाने के लिए किए थे। केजरीवाल द्वारा घोटाले के खिलाफ दर्ज कराए गए एफआईआर पर शीला ने कहा कि केजरीवाल बदले की भावना से ये कार्रवाई कर रहे हैं।












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