मजदूरों के हाथ काटने पर कोर्ट ने आंध्र और उड़ीसा सरकार से मांगा जवाब

मजदूरों को जब पता चला कि उन्हें काम के लिए छत्तीसगढ़ ले जाया जा रहा है तो रायपुर से सीनापली जाते समय 12 में से दस मजदूर भाग निकले। लिहाजा दलालों ने मजदूर नीलांबर और पिआलू पर गुस्सा निकालते हुए उनके दाहिने हाथों की हथेली काट दी। बताया जाता है कि हाथ काटने से पहले दलालों ने मजदूरों से दो लाख रूपये मांगे जो कि मजदूरों को बतौर पेशगी दिये गये थे।
दलालों ने मजदूरों के हाथ काटते हुए कहा था कि अगर तुम लोग हमारे लिए काम नहीं कर सके तो किसी और के लिए काम नहीं सकोगे। 15 दिसंबर को हुई इस घटना के प्रकाश में आने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप कर इस पर चार सप्ताह के भीतर राज्य सरकारों से जवाब मांगा।
यह ध्यान देने योग्य है कि हर साल कालाहांडी, नवापाड़ा और बेलांगीर जिलों से हजारों मजदूर आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ में ईंट भट्टियों में काम करने के लिए जाते हैं।












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