केजरीवाल की धमकी के बाद काम पर वापस लौटे हड़ताली डॉक्टर
नयी दिल्ली। दिल्ली के अस्पतालों के 20,000 हड़ताली रेजिडेंट चिकित्सक अपनी मांगें पूरी करने का आश्वासन मिलने पर बुधवार को काम पर लौट आए। फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डाक्टर्स एसोसिएशन (एफओआरडीए) के अध्यक्ष पंकज सोलंकी ने आईएएनएस को बताया, "हमने हड़ताल वापस ले ली है, क्योंकि हमें एक निश्चित समयावधि दी गई है, जिसके अंदर सरकार हमारी मांगें पूरी करेगी।"

क्या मांगें पूरी न होने पर चिकित्सक फिर हड़ताल कर सकते हैं? इस सवाल पर सोलंकी ने कहा, "इस बार हमें उचित समयावधि दी गई है और हमें भरोसा है कि वे हमारी मांगें पूरी करेंगे, क्योंकि वे नहीं चाहेंगे कि इस वजह से मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़े।"
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों और एफओआरडीए के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक के बाद हड़ताल वापस ले ली गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य सचिव बी.पी.शर्मा ने की। इधर, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को इस मुद्दे पर ट्विटर पर लिखा, "चिकित्सकों की अधिकांश मांग वाजिब हैं। मैंने स्वास्थ्य विभाग को उनकी मांगे पूरी करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग को इस मामले को पहले ही सुलझा लेना चाहिए था।"
एफओआरडीए दिल्ली स्थित 25 सरकारी अस्पतालों का एसोसिएशन है। 25 सरकारी अस्पतालों के 20,000 रेजिडेंट चिकित्सक सोमवार को हड़ताल पर चले गए थे। उन्होंने जीवन-रक्षक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता, कार्य स्थल पर सुरक्षा, काम की निर्धारित अवधि और समय पर वेतन का भुगतान जैसी मांगें की थीं।
इससे पहले 27 फरवरी को भी इन्हीं मुद्दों पर चिकित्सक हड़ताल पर चले गए थे, लेकिन केंद्र तथा राज्य सरकार द्वारा उनकी शिकायतों को लेकर की गई बैठकों और दिए गए आश्वासनों के बाद इसे वापस ले लिया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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