खरीदना चाहते हैं DDA के फ्लैट्स तो एक बार इसे जरुर पढ़ें
नयी दिल्ली। दिल्ली में घर का सपना देखना भी सपने जैसा है। ऐसे में दिल्ली विकास प्राधिकरण की स्कीम लोगों के मन में अपने घर का आस जगा देती है। इस बार भी डीडीए ने 25000 लोगों को घर देने का वादा किया और इसके लिए फॉर्म भी निकाल दिए। इसके बाद लॉटरी सिस्टम के जरिए लोगों को घर दिए जाएंगे।

ऐसे में अगर आप भी डीडीए का फॉर्म भर रहे हैं और अपने घर का सपना देख रहे हैं तो जरा इस खबर को गौर से पढ़ लीजिए। डीडीए की 2014 की हाउसिंग स्कीम में कुल 25,000 फ्लैट हैं जिनमें से 10,000 से अधिक फ्लैट रोहिणी के सेक्टर 34 और 35 में स्थित हैं। डीडीए की ऑफिशल डेडलाइन के मुताबिक इन फ्लैटों को मार्च तक आवंटित किया जाना है, लेकिन ऐसा संभव नहीं दिखता है।
दरअसल डीडीए के इन घरों पर कानूनी पचरे का साया पड़ सकता है। बरवाला गांव के लोगों ने इन डीडीए फ्लैट्स पर डीडीए के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज करा रखे हैं। उन लोगों का आरोप है कि उनकी जमीन को अवैध रूप से अधिग्रहित किया गया था और उनको मुआवजा भी बहुत ही कम दिया था।
जिस गांव के लोगों द्वारा 2005 से अधिग्रहण का विरोध किया जा रहा है, वह गांव 37,36,35 सेक्टरों तथा 34 सेक्टर के कुछ भाग में फैला हुआ है। हलांकि 34-37 सेक्टर में डीडीए की निर्माण योजना के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, लेकिन कोर्ट ने डीडीए के पक्ष में फैसला सुनाया। बाद में मामला सुप्रीम कोर्ट में गया, जहां फिर से डीडीए के पक्ष में फैसला आया, लेकिन एक बार फिर से मामला सुप्रीम कोर्ट में गया था लेकिन उस पर अभी सुनवाई नहीं हुई है।
ऐसे में लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। अगर फैसला डीडीए क खिलाफ आया तो मुश्किल और भी बड़ी होगी, वहीं विवादित भूमि की वजह से यहां पानी-बिजली और सीवेज की सुविधाएं बी मुहैया कराने में दिक्कत आ सकती है।












Click it and Unblock the Notifications