मैं निराशावादी नहीं, विकास के बारे में सोंचता हूं: नरेंद्र मोदी

मोदी ने कहा कि आज औद्योगीकरण की बात की जाती है, पर हमारे देश में मोबाइल, लैपटॉप का उत्पादन क्यों नहीं किया जाता? मुझे लगता है कि देश में ऐसा माहौल तैयार करना चाहिए कि निजी कंपनियां व्यापार करने के साथ ही खुद निवेश भी करें, साथ ही देश प्रदेश की सरकारें कंपनियों की मदद करें, उन्हें जरूरी आधारभूत वस्तुएं उपलब्ध करवायें। मोदी ने जोर दिया कि जरूरत इस बात की है कि इंडस्ट्री के अनुसार ही हम स्किल्ड युवा तैयार करें।
मोदी के अनुसार हमारे देश में पर्यटन को बढ़ावा देने को बहुत कुछ है, अगर युवाओं को एक गाइड के रूप में विकसित करें तो उन्हें रोजगार तो मिलेगा ही साथ ही देश को धन भी मिलेगा। हमारे यहां रक्षा क्षेत्र के ज्यादातर उपकरण आयात किये जाते हैं, सेना में अफसरों की कमी है तो क्या हमें इस कमी को पूरा करने के लिए विश्वविद्यालय नहीं बनाने चाहिए, जिससे कि युवा आने वाले वक्त में सेना की जरूरतों को पूरा करें और देश को शक्तिशाली बनायें। मोदी का कहना है कि देश के विकास के लिए किसी बड़े विज़न की नहीं बल्कि छोटी छोटी पहल करने की जरूरत है।
मोदी ने यूपीए सरकार की निंदा भी की और कहा कि देश के नेतृत्व में कमिटमेंट का अभाव है, वह नहीं चाहता कि देश का विकास हो। मैं कभी निराश नहीं होता, कुछ लोग कहते हैं कि गिलास आधा भरा है, कुछ कहते हैं कि गिलास आधा खाली है, मैं तीसरी सोंच रखता हूं कि गिलास पूरा भरा है, आधा पानी से आधा हवा से।












Click it and Unblock the Notifications