तोड़ा फिर बनाया नहीं गरीब मुसलमान बच्चों के स्कूल को

नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) जमाना गुजर गया पर राजधानी के मुस्लिम बहुल कुरैश नगर में बनी टूटी-फूटी कौमी सीनियर सेंकेडरी स्कूल की इमारत को नए सिरे से बनाने की फिक्र किसी को नहीं।

दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार ने भी इसकी सुध नहीं ली। इसे 30 जून, 1976 में तोड़ा गया था ताकि वहां पर कुछ जनता फ्लैट बनाए जा सके। इस स्कूल को तोड़ने के बाद इसे अस्थायी रूप से करीब के ईदगाह मैदान में शिफ्ट किया गया।

सिसोदिया से मिले

इस स्कूल की नई इमारत को बनाने के सवाल पर हाल ही में एक प्रतिनिधिमंडल मिला था दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया से। उन्होंने इस स्कूल की इमारत की मरम्मत कराने का कोई वादा नहीं किया। बस इतना कहा, देख लेंगे। क्या कर सकते हैं।

किसने तोड़ा

मुसलमानों की आबादी वाले इस स्कूल को तुड़वाने में दिल्ली के पूर्व उप राज्यपाल जगमोहन, रुखसाना सुल्ताना, जो फिल्मी अभिनेत्री अमृता सिंह की मां थीं, और डीडीए के कमिश्नर बी.आर.टमटा की भूमिका थी। तब कहा गया था कि इस स्कूल की नई इमारत का काम छह महीने के बाद चालू हो जाएगा। पर अफसोस ये नहीं हुआ।

गरीब मुसलमानों का स्कूल

दिल्ली के मशहूर समाजवेसी फिरोज बख्त अहमद ने बताया कि बीते करीब 40 सालों में दिल्ली में कितनी सरकारें आईं पर किसी ने गरीब मुसलमानों के इस स्कूल की इमारत को बनाने की पहल नहीं की। स्कूल तब से टेंटों में चल रहा है। प्रिंसिपल महोदय भी एक फटे हुए टेंट के नीचे बैठते हैं। कौमी सीनियर सेंकेटरी स्कूल में 715 बच्चे पढ़ते हैं। करीब 90 फीसद बच्चे यहां के आसपास की मुस्लिम बस्तियों से होते हैं।

शिफ्ट किया ईदगाह

जब इस स्कूल की इमारत को तोड़ा गया तो इसे पास के ईदगाह मैदान में शिफ्ट कर दिया गया। कहा गया कि नई इमारत बनने पर इसे पहले वाली जगह पर शिफ्ट कर दिया जाएगा। पर सरकारी वादे पूरे नहीं हुए। अब ईदगाह मैनेजमेंट भी इस स्कूल को अपने परिसर से हटाने के लिए कह रहा है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+