658 करोड़ खर्च कर दिल्ली की ट्रैफिक सुथारेगी केंद्र सरकार
नयी दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को लेकर केंद्र सरकार ने विकास मॉर्डल तैयार कर लिया है। दिल्ली के विकास के लिए केंद्र सरकार का मास्टर प्लान पूरी तरह तैयार है, जिसमें नागरिकों की सुविधाओं को सबसे ऊपर रखा गया है। इसी क्रम में शहरी विकास मंत्री ने दिल्ली में नागरिक सुविधाओं और परिवहन की बुनियादी सुविधाओं के विकास के संबंध में लिए गए फैसलों की घोषणा की। उन्होंने दिल्ली के लिए किए गए फैसलों के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली के विकास को लेकर कुछ अहम फैसले लिए गए हैं, जिसमें निम्नलिखित निर्णय महत्वपूर्ण है।

दिल्ली के लिए क्या करने जा रही है केंद्र सरकार?
शहरी विकास मंत्री ने दिल्ली विकास प्राधिकरण द्वारा संस्थागत उद्देश्यों के लिए आवंटित भूमि के प्रीमियम दरों को मंजूरी दे दी है। मौजूदा दरों की तुलना में, निम्नलिखित श्रेणियों में दरों में कमी की गई है।
स्वास्थ्य सेवाओं जैसे चिकित्सा संस्थानों, अस्पतालों, औषधालयों के लिए आवश्यक भूमि हेतु केन्द्र सरकार और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की सरकार द्वारा भूमि आवंटन दर 1 रुपये सालाना कर दिया गया है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के लिए मातृत्व केंद्रों, रैन बसेरों और अनाथालयों आदि के लिए भूमि आवंटन दर 50 प्रतिशत (बिना लाभ-हानि) से घटाकर 1 रुपये सालाना कर दिया गया है।
डीटीसी डिपो और कार्यालयों के लिए भूमि की दरें वाणिज्यिक दर से घटाकर बिना लाभ हानि का कर दिया गया है। इस प्रकार जो पहले 1,82,000 रूपये से 6,72,000 रुपये के बीच था अब 11,745 रुपये प्रति वर्ग किमी हो जाएगा।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सरकार के राज्यक्षेत्र के स्कूलों और स्थानीय निकायों के अस्पतालों के स्टाफ क्वार्टर के लिए आवासीय दरों को 10% से घटाकर 1 रुपये सालाना कर दिया गया है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की सरकार के कार्यालयों के लिए भूमि की दरों को बाजार दर से घटाकर जोनल संस्करण दरों पर कर दिया है। इस प्रकार जो पहले 1,82,000 रूपये से 6,72,000 रुपये के बीच था अब 23,490 रूपये से 52,853 रुपये प्रति वर्ग किमी हो जाएगा।
सड़कों, कब्रिस्तानों और श्मशानों, खेल के मैदानों और पार्कों, जल आपूर्ति तथा डीडीए कॉलोनियों के लिए जल निकासी के लिए भूमि मुफ्त या 1 रुपये सालाना के नाममात्र शुल्क पर आवंटित किया जाना जारी रहेगा।
ट्रैफिक और यातायात के लिए क्या है प्लान
- महिपालपुर, एरोसिटी, हवाई अड्डे और एनएच -8 को जोड़ने के लिए फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण।
- नरेला के निकट फ्लाईओवर-सह-सड़क ओवर ब्रिज का निर्माण ताकि बवाना औद्योगिक परिसर को राष्ट्रीय राजमार्ग-1 से सीधा जोड़ा जा सके।
- आईटीओ के आसपास स्थित कार्यालयों जा रहे पैदल चलने वालों की सुरक्षा हेतु आईटीओ के पास स्काईवॉक और फुट ओवर ब्रिज का निर्माण
- निगम बोध घाट और कश्मीरी गेट के निकट अप-रैंप और सड़कों के चौड़ीकरण का निर्माण
- रानी झांसी रोड पर 1.6 किलोमीटर लंबी ग्रेड सेपरेटर का निर्माण












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