Lok Sabha Elections: इस बार राहुल-सोनिया कांग्रेस उम्मीदवार को क्यों नहीं देंगे वोट?
दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच सातों सीटों पर तालमेल हो जाने की वजह से सोनिया गांधी के परिवार और पार्टी के कुछ दिग्गज नेताओं के लिए अजीब सी स्थिति पैदा हो गई है। इसकी वजह से ये लोग अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार को वोट तक देने की स्थिति में नहीं रह गए हैं।
दरअसल, कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी दोनों ही लोकसभा के सदस्य हैं और राजधानी के लुटियंस जोन में रहते हैं। इस तरह से ये लोग नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र के मतदाता हैं।

सीट बंटवारे में नई दिल्ली सीट आम आदमी पार्टी के खाते में
लेकिन, आम आदमी पार्टी के साथ सीटों के बंटवारे में नई दिल्ली लोकसभा सीट अरविंद केजरीवाल की पार्टी के खाते में गई है। ऐसे में सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल को कांग्रेस उम्मीदवार को वोट देने का विकल्प नहीं मिलेगा।
झाड़ू के निशान पर बटन दबाएंगे राहुल-सोनिया!
गठबंधन की वजह से उन्हें एएपी प्रत्याशी के पक्ष में ईवीएम पर झाड़ू चुनाव निशान पर ही बटन दबाना पड़ सकता है। क्योंकि, इस सीट पर कांग्रेस का उम्मीदवार इस बार नहीं होगा।
प्रियंका और मनमोहन को भी भूलना होगा 'हाथ'!
सिर्फ राहुल और सोनिया गांधी ही नहीं। जानकारी के मुताबिक कांग्रेस महासचिव और सोनिया की बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा और उनका परिवार भी लुटियंस जोन में ही रहता है। मतलब, उन्हें भी अपनी पार्टी के प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने से वंचित रहना पड़ सकता है।
यही स्थिति पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सामने भी पैदा होगी। वह भी लुटियंस जोन के सरकारी बंगले में रहते हैं और उनको भी कांग्रेस उम्मीदवार को चुनने का मौका नहीं मिलेगा।
2019 में नई दिल्ली सीट पर कांग्रेस को एएपी से 11% ज्यादा वोट मिले
2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने नई दिल्ली लोकसभा सीट से अपने दिग्गज अजय माकन को टिकट दिया था। उन्हें इस सीट पर 26.91% वोट मिले थे। जबकि, उनके मुकाबले में आम आदमी पार्टी ने ब्रिजेश गोयल को उतारा था और उन्हें 16.33% वोट मिले थे।
लेकिन, इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार मीनाक्षी लेखी को दोबारा भी जीत मिली थी। उन्होंने 54.77% वोट लाकर दोनों दलों के संयुक्त वोट शेयर पर भी बढ़त हासिल की थी।
2014 में भी अजय माकन ही थे कांग्रेस उम्मीदवार
2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने दिल्ली यूनिट के दिग्गज चेहरे अजय माकन पर ही दांव लगाया था। तब उन्हें इस प्रतिष्ठित सीट पर 18.85% वोट हासिल हुए थे।
वहीं आम आदमी पार्टी के आशीष खेतान को 29.96% मत हासिल हुए थे। लेकिन, तब भी यहां जीत बीजेपी उम्मीदवार और मौजूदा केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी को ही मिली थी। लेखी को इस सीट पर 46.73% वोट हासिल हुए थे।
लेकिन, पिछले चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार के मुकाबले खराब प्रदर्शन के बावजूद दोनों पार्टियों के सीट बंटवारे में नई दिल्ली सीट पर आम आदमी पार्टी को उम्मीदवार उतारने का मौका मिला है।
ऐसे में इंडिया ब्लॉक में गठबंधन धर्म की बाध्यता की वजह से कांग्रेस पार्टी की फर्स्ट फैमिली के लिए कहानी बड़ी दिलचस्प हो गई है, जिन्हें अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार को वोट देने के अवसर से भी वंचित रहना होगा।












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