केजरीवाल ने खाप पंचायत पर डाली संस्कृतिक चादर, कहा बैन की जरुरत नहीं

खाप पंचायतों को सांस्कृतिक संगठन बताते हुए केजरीवाल ने कहा कि यह अलग बात है कि खाप महिलाओं के मामले में पूरी तरह से कट्टर और सामंती व्यवहार करती है, लेकिन ये उनकी सांसकृतिक विरासत है, इसे बैन नहीं करना चाहिए।
केजरीवाल भलेलही खाप की वकालत कर रहे हो, लेकिन उनके इस स्टैंड से उन लोगों को निराशा हाथ लगी है जो मानते है कि केजरीवाल और उनकी आम आदमी पार्टी महिला सशक्तिकरण को लेकर काम करेंगे।
खाप एक मर्दवादी पंचायत के तौर पर जानी जाती है जो महिलाओं को लेकर सामंती और अपमानजनक फरमान जारी करती है। ऐसे में उनकी वकासत कर केजरीवाल ने महिलाओं समेत उन तमाम लोगों के मन में निराशा डाल दी हौ जो उनसे विकास की उम्मीद लगाए बैठे थे।












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