दिल्ली सरकार ने बढ़ाई न्यूनतम मजदूरी, नई दरें एक अक्टूबर से लागू
नई दिल्ली, 9 नवंबर: दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोमवार को अकुशल, अर्ध-कुशल और कुशल मजदूरों के न्यूनतम वेतन में वृद्धि की घोषणा करते हुए कहा कि इससे उन्हें COVID-19 महामारी और मूल्य वृद्धि के प्रभाव से निपटने में मदद मिलेगी। दिल्ली सरकार के एक बयान में कहा गया है कि इस बढ़ोतरी से अकुशल श्रमिकों का मासिक वेतन 15,908 रुपए से बढ़कर 16,064 रुपए हो गया, जबकि अर्ध कुशल श्रमिकों का मासिक वेतन 17,537 रुपये से बढ़कर 17,693 रुपये हो गया।

सुपरवाइजर और लिपिक वर्ग के कर्मचारियों की न्यूनतम मजदूरी भी बढ़ी
मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली में देश के दूसरे राज्यों की तुलना में सबसे अधिक न्यूनतम मजदूरी मिलती है। उन्होंने कहा कि सभी अकुशल से लेकर कुशल श्रेणी सभी श्रेणियों में मजदूरों का वेतन बढ़ गया है। कुशल श्रमिकों का अब मासिक वेतन 19,291 रुपये से बढ़कर 19,473 रुपये किया गया है। इसके अलावा सुपरवाइजर और लिपिक वर्ग के कर्मचारियों की न्यूनतम मजदूरी भी बढ़ गई है। दिल्ली सरकार ने एक बयान में कहा, स्नातक और इससे ऊपर की शैक्षणिक योग्यता वाले मजदूरों का मासिक वेतन 20,976 रुपये से बढ़ाकर 21,184 रुपये कर दिया गया है।
कोविड से प्रभावित हुए गरीब और मजदूर वर्ग के लिए उठाया गया कदम
मनीष सिसोदिया ने कहा, कोविड के दौरान गरीबों और मजदूर वर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया था। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए महंगाई भत्ते को रोका नहीं जा सकता है, जो आमतौर पर केवल न्यूनतम मजदूरी प्राप्त करते हैं। इसलिए दिल्ली सरकार ने महंगाई भत्ते को जोड़कर संशोधित न्यूनतम वेतन की घोषणा की है।सिसोदिया ने कहा कि देश में महंगाई और वस्तुओं की आसमान छूती कीमतों के कारण आज समाज का हर वर्ग आर्थिक रुप से भी प्रभावित हुआ है। उम्मीद करता हूं कि इस बढ़ोतरी से मजदूर भाईयों को सहायता मिलेगी।












Click it and Unblock the Notifications