• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

दिल्ली में वायु प्रदूषण का खतरनाक असर, 75 फीसदी बच्चों में सामने आई सांस लेने की दिक्कत

|
Google Oneindia News

नई दिल्‍ली, 13 अक्‍टूबर। देश की राजधानी दिल्‍ली का प्रदूषण कंट्रोल करने के लिए राज्य सरकार लगतार प्रयास कर रही है लेकिन बहुत कारगर नहीं साबित हो रहा है। प्रदूषण की वजह से लोगों का सांस लेना दिन पर दिन दूभर होता जा रहा है। वहीं हाल ही में बच्‍चों के स्‍वास्‍थ पर दिल्‍ली के प्रदूषण के असर को लेकर एक सर्वेक्षण किया जिसमें डरा देने वाली रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दिल्‍ली के 75 फीसदी बच्चों में सांस लेने की दिक्कत हो रही है।

pic

बच्‍चों पर किया गया ये सर्वे

टेरी की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दिल्ली की हवा में प्रमुख प्रदूषक पीएम2.5 की उच्च सांद्रता है। जो दिल्लीवासियों, विशेषकर बच्चों को सांसऔर हृदय रोगों संबंधी की ओर धकेल रहा है। दिल्‍ली 413 बच्चों पर स्वास्थ्य सर्वेक्षण किया गया, जिसमें से 75.4% ने सांस फूलने की शिकायत की, 24.2% ने आंखों में खुजली की शिकायत की, 22.3% ने नियमित रूप से छींकने या नाक बहने की शिकायत की और 20.9% बच्चों ने सुबह खांसी की शिकायत की। इस सर्वे में जिन बच्‍चों पर किया गया है उनकी उम्र 14-17 साल के बीच है।

    Delhi में Arvind Kejriwal ने Pollution के खिलाफ उठाए अब ये 'नए कदम' | वनइंडिया हिंदी

    हवा में मौजूद हेवी मेटल्‍स हेल्‍थ के लिए है खतरनाक

    विशेषज्ञों के अनुसार, इनमें से कुछ हेवी मेटल्‍स मनुष्‍य के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हैं और इनके नियमित संपर्क में आने के कारण आने वाले समय में इसके घातक स्‍वास्‍थ्‍य परिणाम हो सकते हैं। वायु में कैडमियम और आर्सेनिक की बढ़ी हुई मात्रा ने दिल्‍ली के लोगों को कैंसर, गुर्दे की समस्याओं और हाईब्लड प्रेशर, शुर और हार्ट संबंधी रोगों के हाई रिस्‍क में डाल दिया है।

    दिल्‍ली में लगातार जहरीली हो रही हवा

    शोधकर्ताओं ने heavy metals को पीएम 2.5 के एक प्रमुख घटक के रूप में भी पहचाना जिसके परिणामस्वरूप संभावित स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। अक्टूबर 2019 में दिल्‍ली के पीएम 2.5 (particles less than 2.5 micrometres in diameter) जिंक की सांद्रता (concentration) 379 एनजी / एम 3 (नैनोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर हवा) थी। जो सितंबर 2020 में, यह बढ़कर 615 एनजी/एम3 (नैनोग्राम प्रति घन मीटर हवा) हो गया। इसी तरह, दिल्ली की हवा में लेड की मात्रा 2019 में 233 एनजी/एम3 (हवा का नैनोग्राम प्रति घन मीटर) थी, जो 2020 में बढ़कर 406 एनजी/एम3 (हवा का नैनोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर) हो गई, जिसमें 3 एनजी/ एम3 था।

    स्वास्थ्य खतरे में पड़ सकता है

    टेरी एसोसिएट ने मीडिया को दिए इंटरव्‍यू में कहा, "पीएम 2.5 का स्तर - 60 ug/m3 से कम - एक स्वीकार्य मानदंड माना जाता है, लेकिन अगर हवा में जहरीली धातुओं की उच्च सांद्रता है, तो इससे आपका स्वास्थ्य खतरे में पड़ सकता है।"

    English summary
    Delhi air pollution, 75% of children have respiratory problems
    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    For Daily Alerts
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X