पुलिस को बहुत महंगी पड़ रही है केजरीवाल की सुरक्षा

केजरीवल का सुरक्षा न लेना पुलिस के लिए परेशानी का सबब बन गया है। सूत्रों का कहना है कि भले ही केजरीवाल सुरक्षा नहीं लेना चाहते, लेकिन वह जहां भी जाते हैं, वहां पर सिक्यॉरिटी के लिए पुलिस की तैनाती करनी ही पड़ती है। खुद गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे भी कह चुके है कि केजरीवाल को बिना बताए उन्हें सुरक्षा मुहैया की जा रही है।
लेकिन इस तरह से केजरीवाल को सुरक्षा न देते हुए भी सुरक्षा देना पुलिस को बेहद महंगा पड़ रहा है। इस काम में न सिर्फ पुलिस को दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है, बल्कि संसाधन भी ज्यादा खर्च हो रहे हैं। उन्हें सुरक्षा देने के लिए सामान्य से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात करने पड़ रहे हैं। शनिवार को सीएम के जनता दरबार के लिए पुलिस की तीन टुकड़ियां तैनात की गई। स्थानीय पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और पैरा मिलिटरी फोर्सेस की तीन कंपनियों की तैनाती की गई थी।
यूपी सरकार ने भी उन्हें जेड कैटिगरी की सिक्यॉरिटी देने का ऐलान कर दिया। इस तरह से उन्हें चौबीसों घंटे 3 सब इंस्पेक्टर्स, 7 हेड कॉन्स्टेबल्स, 10 कॉन्स्टेबल्स और 2 ड्राइवरों की सुरक्षा मिलेगी। दरअसल दिल्ली के सीएम अभी यूपी के गाजियाबाद में अपने परिवार के साथ एक फ्लैट में रह रहे हैं। पिछले दिनों जब उनके पार्टी दफ्तर पर हमला हुआ तो पुलिस के लिए उनकी सुरक्षा बड़ी चुनौती बन गई है।
शनिवार को जिस तरह के हालात पैदा हुए, उससे इंटेलिजेंस ब्रांच की उन आशंकाओं को मजबूती मिली कि मुख्यमंत्री को सबसे ज्यादा खतरा भीड़ और बदमाशों से है, अपराधियों से नहीं। पुलिस ऑफिशल्स का मानना है कि दोबारा किसी अनहोनी की आशंका न पैदा हो, इसके लिए केजरीवाल का सुरक्षा लेना जरूरी है।












Click it and Unblock the Notifications