मुजफ्फरनगर दंगा: कवाल कांड के 7 दोषियों को उम्रकैद, दो-दो लाख रुपये का जुर्माना

Muzaffarnagar news, मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर के बहुचर्चित कवाल कांड में अदालत ने सातों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा सभी आरोपियों पर दो-दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माने की 80 फीसदी धनराशि पीड़ित परिवारों को दी जाएगी।

क्या है कवाल कांड

क्या है कवाल कांड

27 अगस्त, 2013 को जानसठ कोतवाली क्षेत्र के कवाल गांव में मलिकपुरा के गौरव और उसके ममेरे भाई सचिन की हत्या कर दी गई थी। माना जाता है कि कवाल की घटना के बाद ही मुजफ्फरनगर में दंगे भड़के थे। बाद में माहौल और बिगड़ता चला गया। 7 सितंबर की नंगला मंदौड़ पंचायत से लौटते लोगों पर कई जगह हमले हुए। अगले दिन हिंसा भड़क उठी थी।

सातों दोषियों को उम्रकैद की सजा

सातों दोषियों को उम्रकैद की सजा

करीब साढ़े पांच साल पहले कवाल में सचिन व गौरव हत्याकांड में एडीजे-7 की कोर्ट ने 7 मुल्‍जिमों को दोषी ठहराया था। शुक्रवार को उन 7 दोषियों को सजा सुनाई गई। पुलिस-प्रशासन की ओर से एहतियातन गांव में सुरक्षा व्यवस्था के प्रबंध किए गए हैं।

मृतकों के परिवार को मिलेगा जुर्माने का 80 फीसदी हिस्सा

मृतकों के परिवार को मिलेगा जुर्माने का 80 फीसदी हिस्सा

27 अगस्त 2013 को कवाल गांव में हुई शाहनवाज, सचिन और गौरव की हत्या के बाद जिले में दंगा भड़क गया था। वादी पक्ष के अधिवक्ता अनिल जिंदल ने बताया कि इस मामले में मृतक गौरव के पिता रविन्द्र की ओर से जानसठ कोतवाली में कवाल निवासी मुजस्सिम, मुजम्मिल, फुरकान, नदीम, जहांगीर, शाहनवाज (मृतक) और अफजाल के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था जिसमें शहनवाज की मौत हो गई थी, वहीं बचे सातों आरोपियों मुजस्सिम, मुजम्मिल, फुरकान, नदीम, जहांगीर, और अफजाल को आजीवन कारावास और 2-2 लाख का आर्थिक दंड की सजा सुनाई गई है। आर्थिक दंड का 80 फीसदी हिस्सा मृतक गौरव और सचिन के पीड़ित परिवार को दिया जाएगा।

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