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मुजफ्फरनगर दंगा: BJP MLA संगीत सोम को बड़ी राहत, कोर्ट ने स्‍वीकार की SIT की क्‍लोजर र‍िपोर्ट

मुजफ्फरनगर। बीजेपी विधायक संगीत सोम को 2013 में हुए मुजफ्फरनगर दंगे में दर्ज मुकदमे में बड़ी राहत मिली है। विवेचना के दौरान साक्ष्य न मिलने पर 2017 में मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई थी। अब अभियोजन के विरोध न करने पर एफआर स्वीकार कर ली गई है। कोर्ट ने मुकदमा समाप्त कर दिया है। बता दें, मुदकमे में वादी तत्कालीन एएसआई सुबोध की मौत हो चुकी है। मामले में पैरोकार ने कोर्ट में वादी का मृत्यु प्रमाण पत्र दाखिल किया। इसके बाद कोर्ट ने साक्ष्य के आभाव और पैरोकार के बयान के आधार पर संगीत सोम पर दर्ज मुकदमा समाप्त कर दिया है। विशेष न्यायाधीश रामसुध सिंह ने सोमवार को जारी आदेश में एसआईटी की 'क्लोजर रिपोर्ट' स्वीकार करते हुए कहा कि मामले में शिकायतकर्ता निरीक्षक सुबोध कुमार की मौत हो गई और क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ आपत्ति नहीं दाखिल की गई। वर्ष 2018 में बुलंदशहर में गोकशी के आरोपों के बाद भीड़ की हिंसा के दौरान कुमार की मौत हो गई थी।

Court accepts closure report of SIT against mla Sangeet Som in Muzaffarnagar riots case

सांप्रदायिक उन्माद फैलाने के मामले में दर्ज था मुकदमा

मुजफ्फरनगर में जानसठ थानाक्षेत्र के गांव कवाल में 27 अगस्त 2013 को मलिकपुरा निवासी ममेरे भाइयों सचिन और गौरव की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। बताया जाता है क‍ि इस घटना के बाद एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद क्षेत्र में सांप्रदायिक उन्माद फैल गया था। मामले में मौजूदा सरधना के भाजपा विधायक संगीत सोम, शिवम कुमार और अज्ञात के खि‍लाफ शहर कोतवाली में सांप्रदायिक उन्माद फैलाने और 66 आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले की जांच तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक स्वप्निल ममगई कर रहे थे। फिर क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह और एसआई सुरेंद्र सागर ने विवेचना आगे बढाई। इसके बाद जांच बरेली इन्वेस्टिगेशन सेल के इंस्पेक्टर अवध बिहारी को सौंपी गई। विवेचना में साक्ष्य नहीं मिलने के कारण 14 अप्रैल 2017 को मुकदमे में फाइनल र‍िपोर्ट लगा दी गई।

वादी तत्‍कालीन इंस्‍पेक्‍टर की कर दी गई थी हत्‍या

एफआर लगाए जाने के बाद मुकदमे में वादी तत्कालीन इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह को नोटिस जारी क‍िए गए, लेकिन वह कोर्ट में पेश नहीं हुए। हाल ही में पैरोकार सचिन कुमार ने सुबोध कुमार का मृत्‍यु प्रमाण पत्र दाखि‍ल करते हुए बताया कि सुबोध कुमार की 2018 में हत्या कर दी गई थी। इसके बाद कोर्ट ने एफआर पर अभियोजन द्वारा विरोध दर्ज न कराने पर इसे स्वीकार कर लिया।

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