पुणे में आधुनिक बूचड़खाना बनाने के लिए 7 करोड़ रुपए देगा विश्व बैंक, लोगों को मिलेगा उच्च गुणवत्ता का मीट
पुणे शहर में मांस की बढ़ती मांग के कारण अनियंत्रित बूचड़खाने और मांस स्टालों की भरमार हो गई है। अब शहर में एक आधुनिक बूचड़खाना स्थापित करने की आवश्यकता है जो आईएसआई मानकों पर खरा उतर सके।
मुंबई, 20 मार्च। पुणे शहर में मांस की बढ़ती मांग के कारण अनियंत्रित बूचड़खाने और मांस स्टालों की भरमार हो गई है। अब शहर में एक आधुनिक बूचड़खाना स्थापित करने की आवश्यकता है जो आईएसआई मानकों पर खरा उतर सके। पूणे नगर निगम ने भी इसकी जरूरत को महसूस किया और अब वह शहर में स्वच्छ और अच्छी गुणवत्ता वाली भेड़ और बकरियों का मांस प्राप्त करने के लिए एक आधुनिक बूचड़खाने का निर्माण कर रहा है।

विश्व बैंक देगा 7 करोड़ रुपए
अच्छी बात ये है कि विश्व बैंक ने बूचड़खाने के निर्माण के लिए पीएमसी को 7 करोड़ रुपए की मदद देने का ऐलान किया है। पीएमसी पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सारिका फुंडे ने कहा कि हाल ही में विश्व बैंक की टीम ने पुणे का दौरा किया। वे परियोजना के लिए 7 करोड़ रुपए देंगे और इस बूचड़खाने के निर्माण पर 100 प्रतिशत की सब्सिडी भी दी जाएगी।
पशुओं के अवैध कटान पर लगेगी रोक
नगर आयुक्त विक्रम कुमार ने कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने से नागरिकों को अच्छी गुणवत्ता वाला मीट मिल सकेगा। इससे पशुओं के अवैध कटान पर भी रोक लगेगी। इस परियोजना को सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर तैयार किया जाएगा। फुंडे ने कहा कि परियोजना को विश्व बैंक और केंद्रीय कृषि मंत्रालय के सहयोग से क्रियान्वित किया जाएगा। इस परियोजना के स्वामित्व वाले कोंढवा बूचड़खाने को भी अपग्रेड किया जाएगा।
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पीएमसी के अधिकारियों ने कहा कि शहर में खुली जगहों पर चिकन, बकरी या भेड़ काटने पर पाबंदी है। दिल्ली जैसे शहरों में भी इसे बैन किया गया है। एक बार जब बूचड़खाना बन जाएगा तो खुली जगहों में मीट काटने पर पूरी तरह से पाबंदी लगाने में पीएमसी सक्षम हो पाएगा। उन्होंने कहा कि नगर आयुक्त ने इस परियोजना के लिए बजट में प्रावधान किया था क्योंकि इस वित्त वर्ष में इस पर काम शुरू होना है।












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