मुंबई: लोकल ट्रेन में एक महिला को Kiss करने पर शख्स को हुई एक साल की जेल, 10 हजार जुर्माना
मुंबई की एक अदालत ने एक बिजनेसमैन को एक महिला को Kiss करने के लिए एक साल जेल और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
मुंबई, 3 अप्रैल। मुंबई की एक अदालत ने एक बिजनेसमैन को एक महिला को Kiss करने के लिए एक साल जेल और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। इस 37 वर्षीय शख्स पर एक महिला ने मुंबई लोकल में सफर करने के दौरान जानबूझकर Kiss करने का आरोप लगाया था। महिला के आरोपों को जज ने सही पाया और अब इस शख्स को एक साल तक जेल की हवा खानी पड़ेगी।

महिला ने लगाया था जानबूझकर किस करने का आरोप
यह घटना साल 2015 की है जब आरोपी शख्स और वह महिला हार्बर लाइन ट्रेन के एक डिब्बे में सफर कर रहे थे। हालांकि शख्स ने मजिस्ट्रेट के सामने तर्क दिया कि उसने ऐसा जानबूझकर नहीं किया, बल्कि पास खड़े अन्य शख्स के धक्का देने के बाद वह महिला पर जा गिरा और गलती से उसके होंठ महिला के गालों को छू गए, लेकिन कोर्ट ने उसकी सारी दलीलों को खारिज कर दिया। 37 वर्षीय किरण होनावर को सजा सुनाते हुए मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट वीपी केदार ने कहा कि महिलाओं में अशाब्दिक संकेतों को समझने की जन्मजात क्षमता होती है और उनमें पुरुषों की तुलना में कहीं अधिक समझ होती है। इसलिए यह नहीं कहा जा सकता है कि महिला ने आरोप अनजाने में लगाए हैं।
जुर्माने की आधी रकम पीड़िता को
मजिस्ट्रेन ने आगे का कहा कि एफआईआर से पता चलता है कि ट्रेन में चढ़ने के बाद आरोपी महिला के सामने बैठ गया और उसे घूरता रहा। कोर्ट ने जुर्माने की आधी रकम पीड़ित महिला को देने का आदेश दिया। पीड़िता ने मुकदमे के दौरान अदालत में गवाही दी थी और बताया था कि 28 अगस्त 2015 को वह अपने दोस्त से मिलने गोवंडी गई थी। वहां से दोनों ने दोपहर करीब 1.20 बजे गोवंडी से सीएसएमटी तक एक लोकल ट्रेन के जनरल डिब्बे में यात्रा की। मस्जिद स्टेशन से एक व्यक्ति ट्रेन में चढ़ा और उनके सामने बैठ गया। उन्होंने देखा कि वह उन्हें घूर रहा था, लेकिन उन्होंने उसे नजरअंदाज कर दिया।
पांच साल की बजाय दी गई 1 साल की सजा
सीएसएमटी स्टेशन पर उतरने के लिए जैसे ही वह खड़े हुए वह शख्स उसके ऊपर आ गिरा और उसके दाहिने गाल पर किस कर लिया। उसने इसके बाद शोर मचाया जिसके बाद यात्रियों ने उस शख्स की खूब पिटाई की। इस मामले में महिला और उसके दोस्त गवाह थे, इसके अलावा दो अन्य लोगों ने भी गवाई दी थी। कोर्ट ने कहा कि प्रत्यक्ष, ठोस और सकारात्मक सबूतों के आधार पर यह साबित होता है कि आरोपी ने जानबूझकर ऐसा किया। वैसे इस मामले में पांच साल की जेल का प्रावधान है लेकिन अदालत ने उसे यह कहते हुए एक साल की सजा सुनाई कि वह उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और वह परिवार में कमाने वाला अकेला शख्स है।












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