मुंबई पहुंचे पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह, क्राइम ब्रांच के सामने हुए पेश
मुंबई, 25 नवंबर: मुंबई की एक अदालत की तरफ से 'भगोड़ा अपराधी' घोषित किए जा चुके मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह गुरुवार को मुंबई पहुंचे। अपने खिलाफ जबरन वसूली के आरोपों की जांच में शामिल होने के लिए कांदिवली में क्राइम ब्रांच यूनिट 11 के दफ्तर पहुंचे। इससे पहले बुधवार को उन्होंने बताया था कि वह चंडीगढ़ में हैं और जल्द ही मुंबई आएंगे।
Recommended Video

दरअसल, परमबीर सिंह को मुंबई के एक मजिस्ट्रेट द्वारा भगोड़ा अपराधी घोषित किया गया था, जिसके बाद उन्होंने मीडिया को बताया कि वह चंडीगढ़ में हैं और जल्द ही मुंबई आएंगे। आज वो मुंबई पहुंचे हैं और जबरन वसूली के आरोपों की जांच में शामिल हुए। बता दें कि मुंबई पुलिस आयुक्त के पद से ट्रांसफर और महाराष्ट्र के तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद पुलिस अधिकारी इस साल मई से ड्यूटी पर नहीं लौटे हैं।
इधर, चांदीवाल समिति ने परमबीर सिंह को उनके सामने पेश होने के लिए कहा या फिर उनके खिलाफ जमानती वारंट, जो अभी भी लागू है को निष्पादित किया जाएगा। इस दौरान कमेटी ने सिंह के वकील से उनका ठिकाना पूछा। तो वकील ने कहा कि वो मुंबई में है। वहीं परम बीर सिंह के अनिल देशमुख के खिलाफ रंगदारी के आरोप के मामले में बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को चांदीवाल समिति के समक्ष पेश किया गया।
22 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने परम बीर सिंह को कथित जबरन वसूली मामले में गिरफ्तारी से राहत दी थी। इस दौरान एक आदेश जारी करते हुए कोर्ट ने मुंबई के पूर्व शीर्ष पुलिस अधिकारी को भी जांच में शामिल होने का निर्देश दिया था।मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच जो परम बीर सिंह के खिलाफ गोरेगांव जबरन वसूली मामले की जांच कर रही है ने मजिस्ट्रेट सुधीर भाजीपले की अदालत के समक्ष एक आवेदन दिया था, जिसमें उनको को भगोड़ा घोषित करने की मांग की गई थी।
परमबीर सिंह के खिलाफ रंगदारी के कई मामले दर्ज हैं। इस साल मार्च में उन्हें मुंबई पुलिस आयुक्त के पद से हटा दिया गया था और अंबानी बम मामले के बीच होमगार्ड विभाग में ट्रांसफर कर दिया गया था। हालांकि वह मई में छुट्टी पर चले गए और कई महीनों तक उनका कुछ पता नहीं चला। मुंबई पुलिस प्रमुख के पद से हटाए जाने के बाद परम बीर सिंह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे एक पत्र में राज्य के तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार के संगीन आरोप लगाए थे।












Click it and Unblock the Notifications