माहवारी के दिनों में लड़कियों की मदद के लिए सरकार लाई खास योजना
अस्मिता योजना के लिए फडणवीस सरकार ने चालू वर्ष के बजट में करीब 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
मुंबई। महाराष्ट सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओंऔर जिला परिषद स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को सस्ती कीमत को सैनिटरी पैड्स मुहैया कराने के लिए योजना शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य उन महिलाओं की जिंदगी आसान बनाना है जो पैड्स ना खरीद पाने की वजह से माहवारी के दिनों में कई तरह की मुश्किलों का सामना करती हैं। इसे अस्मिता योजना का नाम दिया गया है। अस्मिता योजना के लिए फडणवीस सरकार ने चालू वर्ष के बजट में करीब 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

क्या है अस्मिता योजना
सैनिटरी नैपकिन मुहैया कराने वाली कंपनियों का सरकार चयन करेगी। इन कंपनियों से गांव-गांव में काम करने वाली महिलाओं के स्वयं सहायक समूह बहुत कम कीमत पर नैपकिन उपलब्ध कराएंगे। ये महिलाएं ही गांवों में घर-घर में नैपकिन पहुंचाने का काम करेंगी।
छात्राओं के पीरिड्स के दौरान स्कूल छूटने और पढ़ाई में नुकसान को देखते हुए सरकार जिला परिषद के स्कूलों में किशोर छात्राओं को बहुत कम कीमत पर नैपकिन देगी। महिला बाल कल्याण मंत्री पंकजा मुंडे ने छात्राओं को 5 रुपये में नैपकिन उपलब्ध कराने की बात कही है। नैपकिन देने के लिए सरकार जिला परिषद के स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को अस्मिता कॉर्ड देगी।












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