कॉमेडियन सुनील पाल के खिलाफ FIR दर्ज, डॉक्टरों को कहा था 'राक्षस'
कॉमेडियन सुनील पाल ने डॉक्टरों पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर मुसीबत मोल ले ली है। उनके खिलाफ मुंबई के अंधेरी स्थित पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है।
मुंबई, 6 मई। देश इस समय कोरोना महामारी से जूझ रहा है, तमाम डॉक्टर अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों की सेवा में दिन रात लगे हुए हैं। ऐसे में कॉमेडियन सुनील पाल ने डॉक्टरों पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर मुसीबत मोल ले ली है। सोशल मीडिया पर सुनील पाल ने एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वह डॉक्टरों को राक्षस और ढोंगी कहते नजर आ रहे हैं। डॉक्टरों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर सुनील पाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। असोससिएट ऑफ मेडिकल कंसल्टेंग की प्रेसिडेंट डॉक्टर सुष्मिता भटनागर ने उनके खिलाफ मुंबई के अंधेरी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई है।

क्या कहा था सुनील पाल ने
दरअसल सुनील पाल ने जो वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है उसमें वह डॉक्टरों को राक्षस और ढोंगी कह रहे है। सुनील ने कहा, 'डॉक्टर भगवान का रूप होते हैं, लेकिन 90 प्रतिशत डॉक्टरों ने राक्षस का रूप धारण कर लिया है। मरीजों से धोखाधड़ी की जा रही है। गरीब लोगों को डराया जा रहा है। पूरे दिन कोविड के नाम पर उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन्हें यह कहकर परेशान किया जाता है कि कोई बेड नहीं है, कोई प्लाज्मा नहीं है, कोई दवा नहीं है। वे धोखाधड़ी कर रहे हैं। लोगों को कोविड संक्रमित बताकर भर्ती किया जा रहा है और उनके बिल बनाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं उनके मरने के बाद उनके शरीर से कई अंग भी निकाल लिये जा रहे हैं।' डॉक्टर सुष्मित भटनागर ने कहा कि उन्होंने इस वीडियो को पहली बार 20 अप्रैल को देखा था जिसके बाद उन्होंने सुनील के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
यह भी पढ़ें: क्यों स्टॉक होने के बावजूद महाराष्ट्र के मुंबई जैसे कुछ शहरों में वैक्सीनेशन सेंटर बंद करने पड़े ? जानिए
हालांकि शिकायत दर्ज होने के बाद सुनील ने एक अन्य वीडियो शेयर कर माफी भी मांगी। उन्होंने कहा कि अगर मेरी बातों से कोई आहत हुआ हो तो मैं माफी चाहता हूं, लेकिन में अभी भी अपने कमेंट के साथ खड़ा हूं कि डॉक्टर्स को भगवान माना जाता है, मगर इस मुश्किल समय में गरीब इंसान परेशान हो रहा है। मैंने अपने वीडियो में 90 प्रतिशत डॉक्टर्स को दानव का रुप धारण कर लेना कहा है, बचे हुए 10 प्रतिशत डॉक्टर्स अभी भी अपनी ड्यूटी अच्छे से कर रहे हैं। डॉक्टर्स को बुरा मानने की जरुरत नहीं हैं जो अपना काम ईमानदारी से कर रहे हैं। साथ ही मेरे पास पुलिस की तरफ से अब तक कोई नोटिस नहीं आया है। मालूम हो कि सुनील के खिलाफ आईपीसी की धारा 500 और 502 के तहत एफआईआर दर्ज हुई है।












Click it and Unblock the Notifications