WHO की तय सीमा से मुंबई की हवा में प्रदूषण 9 गुना अधिक बढ़ा: IQair

मुंबई, 23 मार्च। देश में लगातार बढ़ता वायु प्रदूषण सबसे बड़ा खतरा बनकर सामने आ रहा है। मुंबई में वायु प्रदूषण की बात करें तो यह खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। यहां पर्टिकुलेट मैटर यानि पीएम 2.5 का वार्षिक औसत 46.4 माइक्रोग्राम/क्युबिक मीटर पहुंच गया है जोकि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा तय की गई सीमा से 9 गुना अधिक है। स्विस ग्रुप IQAir की रिपोर्ट के अनुसार मुंबई में पीएम 2.5 लेवल 46.4 तक पहुंच गया है। वर्ष 2020 की बात करें तो पीएम 2.5 का स्तर 41.3 तक पहुंच गया था जबकि 2019 में इसका स्तर 45.3 तक पहुंच गया था। बता दें कि पीएम 2.5 शहरों में सर्वाधिक प्रदूषण का योगदान करता है।

air quality

आंकड़ों में यह बात भी सामने आई है कि जनवरी 2021 औसत मासिक प्रदूषण बढ़ा है और यह 98.5 तक पहुंच गया है। वहीं 2020 दिसंबर में यह 70.6 था। रिकॉर्ड के अनुसार मुंबई में दिसंबर और जनवरी माह में प्रदूषण स्तर काफी अधिक होता है जबकि मानसून में सितंबर माह में प्रदूषण स्तर सबसे नीचे रहता है। कोविड लॉकडाउन की वजह से 2020 में ट्रैफिक बंद था जिसकी वजह से पीएम 2.5 लेवल 15.9 तक पहुंच गया था। वहीं 2021 में सितंबर माह में पीएम लेवल 15.3 पहुंच गया था। 2021 मानसून में चार महीने तक पीएम लेवल सबसे कम दर्ज किया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत का कोई भी शहर विश्व स्वास्थ्य संगठन के औसत पीएम लेवल को हासिल नहीं कर सका है।

पिछले साल 2021 में भारत के 48 फीसदी शहरों में पीएल लेवल 50 को पार कर गया था जोकि विश्व स्वास्थ्य संगठन के औसत गाइडलाइन से दस गुना अधिक है। दुनिया के 20 सबसे ज्यादा प्रदूषित 20 शहरों में अकेले भारत के 14 शहर इस लिस्ट में शामिल हैं। इस लिस्ट में दुनिया के 117 देश शामिल हैं। भारत के औसत पीएम लेवल की बात करें तो यह 2021 में 58.1 था। भारत में पीएम लेवल 2019 के स्तर पर पहुंच गया है।

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