मुरैना में भैंस मर गई तो पशु चिकित्सा विभाग के कर्मचारी को बना लिया बंधक
मुरैना में भैंस को लेकर एक पशु चिकित्सा विभाग के कर्मचारी के साथ किया गया गलत व्यवहार
मुरैना, 22 अगस्त। मुरैना के तेहरा गांव में भैंस की मौत पर पशु चिकित्सा विभाग के एक कर्मचारी को बंधक बनाने का मामला सामने आया है। भैंस की मौत पर गुस्साए भैंस मालिक ने पशु चिकित्सा विभाग के भृत्य को न केवल बंधक बना लिया बल्कि उसके साथ मारपीट की और उस से ₹30000 की डिमांड भी की। ₹30000 की जमानत मिल जाने पर ही भृत्य को रिहा किया गया। पूरा मामला मुरैना के तेहरा गांव का है।

पुरुषोत्तम तोमर की भैस हुई थी बीमार
नगरा थाना इलाके के तेहरा गांव में रहने वाले पुरुषोत्तम तोमर की भैंस बीमार हो गई थी। इसका उपचार करने के लिए पुरुषोत्तम तोमर ने पशु चिकित्सा विभाग के डॉक्टर को बुलाया था। पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारी रवि बंसल भैंस का इलाज करने के लिए तेहरा गांव पहुंचे थे। यहां उन्होंने भैंस के लिए इंजेक्शन और दवाई लिखी थी और भैंस का उपचार शुरू करने की बात कहकर वापस आ गए।

कुछ देर बाद ही हो गई भैंस की मौत
चेकअप के कुछ देर बाद ही पुरुषोत्तम तोमर की भैंस की मौत हो गई। इसके बाद पुरुषोत्तम तोमर ने फोन लगाकर पशु चिकित्सा विभाग के भृत्य उमाशंकर शर्मा को बुलाया। उमाशंकर शर्मा अपने एक अन्य साथी सतीश तोमर के साथ तेहरा गांव पहुंच गए। यहां जैसे ही दोनों पुरुषोत्तम तोमर के घर पहुंचे तो पुरुषोत्तम तोमर ने उमाशंकर को बंधक बना लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।

मरी हुई भैंस के बदले मांगे ₹30000
पुरुषोत्तम तोमर ने भृत्य उमाशंकर के साथ मारपीट की और उसे बंधक बना लिया। उमाशंकर का कहना है कि पुरुषोत्तम तोमर ने उससे ₹30000 की डिमांड की। ₹30000 नहीं देने की स्थिति में उसे बंधक बनाए रखने की बात कही। परेशान उमाशंकर ने सतीश से मदद मांगी। जिसके बाद सतीश ने ₹30000 देने की बात कहकर जमानत दी और इसके बाद उमा शंकर को पुरुषोत्तम ने रिहा किया।

नगरा थाने में उमाशंकर ने की शिकायत
उमाशंकर और सतीश पुरुषोत्तम के घर से छूट कर सीधा नगरा थाने पहुंचे और यहां पुलिस को पूरी बात बताई। पुलिस को शिकायत आवेदन भी दिया। पुलिस ने शिकायती आवेदन लेकर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस भी इस तरह का मामला सामने आने पर हैरान है।












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