सात साल के इंतजार के बाद चंबल में पति की हार का बदला पत्नी ने जीत कर लिया
मुरैना की महापौर बनी शारदा सोलंकी ने अपने पति की ासत साल पुरानी हार का लिया बदला
मुरैना, 21 जुलाई। चंबल में बदला लेने की पुरानी परंपरा है। बदला चाहे किसी भी तरह का हो लेकिन बदला लिया जरूर जाता है। ऐसा ही बदला मुरैना की शारदा सोलंकी ने लिया है। हालांकि यह बदला खून खराबा वाला नहीं बल्कि राजनीतिक बदला है। पिछले नगर निगम चुनाव में शारदा सोलंकी के पति राजेंद्र सोलंकी को बीजेपी प्रत्याशी ने 7000 वोटों से हरा दिया था, लेकिन इस बार के नगर निगम के चुनाव में शारदा सोलंकी ने बीजेपी प्रत्याशी को 14 हजार से ज्यादा वोटों से हराकर अपने पति की हार का बदला ले लिया।

2015 में राजेंद्र सोलंकी ने लड़ा था नगर निगम महापौर का चुनाव
साल 2015 में हुए नगरीय निकाय चुनाव में मुरैना नगर निगम की महापौर सीट के लिए कांग्रेस की तरफ से राजेंद्र सोलंकी ने चुनाव लड़ा था, हालांकि वे बीजेपी के प्रत्याशी अशोक अर्गल से हार गए थे। अशोक अर्गल ने राजेंद्र सोलंकी को 7000 वोटों से हरा दिया था। इस तरह राजेंद्र सोलंकी महापौर बनने से भी रह गए थे।
इस बार के चुनाव में शारदा सोलंकी को कांग्रेस ने उतारा मैदान में
नगर निगम की महापौर सीट महिला के लिए आरक्षित होने के बाद कांग्रेस ने इस बार राजेंद्र सोलंकी की पत्नी शारदा सोलंकी को टिकट देकर चुनाव मैदान में उतार दिया। शारदा सोलंकी के लिए टिकट लेकर चुनाव लड़ना किसी चुनौती से कम नहीं था, क्योंकि उनके पति पहले ही एक चुनाव हार चुके थे, लेकिन शारदा सोलंकी ने ठान लिया कि वे अपने पति की हार का बदला जरूर लेंगी और इस बार वे जीत के लिए पूरी ताकत लगा देंगी।
शारदा सोलंकी के साथ उनके पति राजेंद्र सोलंकी ने भी लगाई ताकत
शारदा सोलंकी चुनाव मैदान में प्रचार करने उतरी तो उनके पति राजेंद्र सोलंकी भी उनके साथ साथ प्रचार में शामिल हो गए। राजेंद्र सोलंकी ने अपने हार के अनुभव से सीख लेते हुए अपने पति के लिए चुनाव लड़ने की रणनीति तैयार की। इसी रणनीति के तहत शारदा सोलंकी लगातार जनसंपर्क करती रही और जनता के बीच अपनी पकड़ बनाती गई।
शारदा सोलंकी ने जीतने की ठान ली थी
शारदा सोलंकी ने जीतने की जिद ठान ली थी। एक बार पति की हार देख चुकी शारदा सोलंकी इस बार किसी भी कीमत पर हार मानने तैयार नहीं थी। शारदा सोलंकी के साथ भले ही कोई स्टार प्रचारक चुनाव मैदान में नहीं था लेकिन शारदा सोलंकी अपने जीत के मिशन में जुटी रही। बीजेपी प्रत्याशी की तरफ से सीएम शिवराज सिंह चौहान समेत केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर माहौल बनाने मुरैना पहुंचे थे, लेकिन शारदा सोलंकी इन सब से बिल्कुल भी विचलित नहीं हुई।
7000 की हार के बदले 14000 से ज्यादा की जीत हासिल की
शारदा सोलंकी के पति राजेंद्र सोलंकी 7000 वोट से चुनाव हार गए थे लेकिन इस बार के नगर निगम के चुनाव में शारदा सोलंकी ने बीजेपी प्रत्याशी मीना जाटव को 14631 वोट से पराजित कर दिया। इस तरह शारदा सोलंकी ने अपने पति की हार का बदला ले लिया।












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