Morena News: पानी भरने से कब्रिस्तान बना तालाब, दफनाने के लिए नहीं मिल रही दो गज जमीन
Morena News: ग्रामीण इलाकों में मुक्तिधामों की दुर्दशा के चलते लोगों को स्वजन का अंतिम संस्कार करने में परेशानी के मामले सामने आते रहते हैं, लेकिन पोरसा के धर्मगढ़ पंचायत में एक युवक के इंतकाल के बाद उसको कब्रिस्तान में दफनाने के लिए दो गज जमीन मुहैया नहीं हो सकी। इसकी वजह है कि इस पूरे कब्रिस्तान में बरसात का पानी इस कदर भरा हुआ है, कि यह एक तालाब की तरह नजर आता है।
पानी की स्थिति देखकर मृतक युवक के स्वजन व अन्य ग्रामीणों ने फैसला किया कि इस पानी को इंजन लगाकर निकाला जाएगा। इसके बाद युवक का अंतिम संस्कार किया जाएगा। हालांकि इस बीच ग्रामीणों के बीच खासा आक्रोश भी देखा गया। इसकी वजह है कि अभी तक कब्रिस्तान को ठीक करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया।

बता दे कि धर्मगढ़ गांव निवासी इस्लाम खान के बेटे का सुबह लंबी बीमारी के बाद इंतकाल हो गया। जिसे दफनाने के लिए ग्रामीणों ने गांव के कब्रिस्तान की ओर रूख किया। कब्रिस्तान की स्थिति यह थी कि यह पूरी तरह से तालाब की तरह नजर आ रहा था। यहां ग्रामीण और स्वजन ने दफनाने के लिए जगह देखी। जिसके बाद काम नहीं चला। पानी बेहद ज्यादा भरा हुआ था। जिसके बाद निर्णय लिया गया कि यहां पानी को पहले इंजन से बाहर निकाला जाएगा, जिसके बाद ही दफनाया जाएगा।
ग्रामीणों ने इसके बाद एक इंजन और लेजम यहां लगाई। पानी को कब्रिस्तान से खाली कर लेजम के सहारे दूसरी खुली जगह में पहुंचाने का काम किया गया। पानी बेहद ज्यादा था जिससे खाली नहीं हो सका। वहीं युवक का शव घर में ही रखा हुआ है और इंतजार किया जा रहा था कब्रिस्तान से पानी कब खाली हो, तो उसे मिट्टी दी जा सके।
कई बार लगा चुके ग्रामीण प्रशासन से गुहार
कब्रिस्तान के लिए 15 बिस्वा जमीन रखी गई है, जहां जमीन के अलावा अन्य कोई व्यवस्था नहीं की गई है। गड्ढानुमा जगह होने की वजह से बरसात का पानी इसमें आकर जमा हो जाता है। जिसकी वजह से इसका इस्तेमाल ग्रामीण नहीं कर पाते। इस समस्या को लेकर ग्रामीण हर स्तर पर अपनी मांग उठा चुके है। जिसमें तहसीलदार, विधायक , केंद्रीय मंत्री, कलेक्टर तक को आवेदन दे चुके है। जिसमें कब्रिस्तान की बाउंड्री का निर्माण करने की मांग की गई है। इसके बावजूद आज तक यहां कोई काम नहीं हो सका है। जिसका परिणाम यह हुआ है।कि यहां दफनाने के लिए पानी भरा होने से जगह तक नहीं मिल सकी है।
संवाद सूत्र- अमन सक्सैना












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