UP Moradabad: सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ने खुद को गोली मारकर की आत्महत्या, वजह जानने में जुटी पुलिस
UP Moradabad News: मुरादाबाद जनपद से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद में समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष डीपी यादव ने शनिवार को सुबह अपने घर के अंदर गोली मार कर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलने के बाद सपा नेताओं में शोक की लहर है।
सपा के पूर्व जिला अध्यक्ष ने ऐसा कदम क्यों उठाया इसके बारे में कोई जानकारी अभी तक नहीं मिल पाई है। बताया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव 2014 की कैंपेनिंग से पहले समाजवादी पार्टी द्वारा 8 अप्रैल को उन्हें जिला अध्यक्ष पद से हटाया गया था।

घटना की जानकारी मिलने के बाद मझोला थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पूरे कमरे की तलाशी ली लेकिन कहीं से भी पुलिस को सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस का कहना है कि सपा नेता ने आत्महत्या क्योंकि इसके बारे में भी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।
घर पर सपा नेताओं की जुटी भीड़
बताया जा रहा है कि समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष डीपी यादव का मझोला थाना क्षेत्र के बुद्ध विहार इलाके में मकान है। शनिवार सुबह मकान के कमरे में उन्होंने खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली।
आसपास के लोगों को जब घटना की जानकारी हुई तो उन्होंने इसके बारे में पुलिस को सूचना दिया। सूचना मिलने के बाद इलाके की पुलिस के साथ ही फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची। टीम द्वारा जांच पड़ताल किया गया लेकिन कहीं से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।
घटना की जानकारी मिलने के बाद जिला अध्यक्ष जयवीर सिंह यादव, एमएलसी डॉक्टर जयपाल सिंह, जिला महासचिव राय मुदस्सर खान समेत बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता डीपी यादव के घर पहुंचे हैं और परिजनों से जानकारी ले रहे हैं।
उनको हटाकर जयवीर सिंह को बनाया गया था जिलाध्यक्ष
दरअसल, लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान समाजवादी पार्टी द्वारा जिला अध्यक्ष डीपी यादव को पद से हटा दिया गया था। पद से हटाने के बाद उनकी जगह जयवीर सिंह यादव को जिलाध्यक्ष बनाया गया था। हालांकि उन्होंने कहा था कि पार्टी का सिपाही हूं और राष्ट्रीय अध्यक्ष के आदेशों का पालन करूंगा।
प्रत्याशी को लेकर गुटबाजी आई थी सामने
यह भी चर्चा चल रही है कि समाजवादी पार्टी द्वारा लोकसभा चुनाव के दौरान प्रत्याशी उतारने को लेकर जिले में गुटबाजी हुई थी। कुछ लोग पूर्व सांसद एसटी हसन तो कुछ लोग और रुचि वीरा के साथ थे। बताया जा रहा है कि इसी गुटबाजी के चलते सपा हाई कमान द्वारा डीपी यादव को जिला अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था।












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