Lok Sabha Election 2024: कौन हैं BJP सांसद रमेश बिंद? पार्टी से कैसे बनी दूरी, अब सपा ने दिया टिकट
Lok Sabha Election 2024: समाजवादी पार्टी ने रविवार को भदोही से भारतीय जनता पार्टी के मौजूदा सांसद रमेश चंद बिंद को मिर्जापुर से लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए मैदान में उतारा है।
रमेश बिंद को टिकट देने के बाद मिर्ज़ापुर का सियासी माहौल गरमा गया है। इस लोकसभा सीट पर एनडीए गठबंधन के तहत अपना दल एस से अनुप्रिया पटेल चुनाव लड़ रही हैं। वहीं बीएसपी ने मनीष कुमार तिवारी को टिकट दिया है।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी ने रमेश चंद बिंद को टिकट देकर लड़ाई को दिलचस्प बना दिया है। स्थानीय होने के कारण रमेश बिंद की मिर्ज़ापुर में अच्छी पकड़ है, जिसका फायदा उन्हें मिलेगा।
फिलहाल लोगों के मन में सवाल है कि रमेश बिंद कौन हैं और उन्होंने बीजेपी से दूरी क्यों बना ली? उन्होंने कहां से राजनीति की शुरुआत की और कैसे सांसद बनने का सफर तय किया...
बसपा के टिकट पर पहली बार बने थे विधायक: दरअसल, रमेश चंद बिंद ने राजनीति की शुरूआत बहुजन समाज पार्टी से की थी। साल 2002 में बसपा द्वारा उन्हें मिर्जापुर के मझवां विधानसभा सीट से टिकट मिला था। पहली बार इसी सीट से वे विधायक चुने गए।
उसके बाद साल 2007 विधासभा चुनाव में भी उन्होंने जीत हासिल की और दूसरी बार विधायक बने। साल 2012 विधानसभा चुनाव में सपा की लहर के बावजूद रमेश बिंद तीसरी बार बसपा के टिकट पर मझवां से विधायक बने।
2017 में हारने के बाद भाजपा में हुए शामिल: मझवां विधानसभा से तीन बार विधायक रहने के बाद साल 2017 विधानसभा चुनाव में रमेश बिंद को भाजपा प्रत्याशी सुरुचिता मौर्य से हार का सामना करना पड़ा था। उसके बाद वे भाजपा से जुड़ गए।
भारतीय जनता पार्टी से जुड़ने के बाद साल 2019 में हुई लोकसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी द्वारा उन्हें भदोही लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया। इस सीट पर कांग्रेस से बाहुबली रमाकांत यादव तथा बहुजन समाज पार्टी से रंगनाथ मिश्र मैदान में थे।
रमेश बिंद ने दोनों नेताओं को हराकर जीत हासिल की। भदोही लोकसभा सीट से रमेश बिंद को 510029 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर बहुजन समाज पार्टी के रघुनाथ मिश्रा रहे जिन्हें 466414 वोट मिले थे।
भाजपा ने नहीं दिया टिकट: कहा जा रहा है कि रमेश बिंद का टोल कर्मियों से विवाद का एक वीडियो पूर्व में वायरल हुआ था। इसके अलावा कुछ अन्य भी मामले थे। जिसके चलते भारतीय जनता पार्टी द्वारा उन्हें इस बार टिकट नहीं दिया गया।
उनके जगह भारतीय जनता पार्टी द्वारा भदोही से विनोद कुमार बिंद को टिकट दे दिया गया। उसके बाद से ही रमेश बिंद नाराज थे। हाल ही में उन्होंने अपने व्हाट्सएप की डीपी बदली थी उसके बाद यह अंदाजा लगाया जा रहा था कि वह समाजवादी पार्टी में जा सकते हैं।
फिलहाल शनिवार को समाजवादी पार्टी द्वारा उन्हें मिर्जापुर लोकसभा सीट से प्रत्याशी बना दिया गया है। मिर्जापुर लोकसभा सीट पर भी लड़ाई काफी दिलचस्प होने वाली है।












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