Adani Power Plant Mirzapur: बिजली, रोजगार और विकास का तिहरा तोहफा, अडानी का मिर्जापुर में मेगा प्रोजेक्ट
Adani Power Plant Mirzapur: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के दादरी खुर्द गांव में अब ऊर्जा उत्पादन की एक नई कहानी लिखी जाएगी। अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी पावर लिमिटेड (APL) यहां अपना पहला थर्मल पावर प्लांट लगाने जा रही है।
इस परियोजना के तहत दो यूनिट्स में 800-800 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाएगा। इससे उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों को बिजली की आपूर्ति और भी मजबूत होगी। कंपनी पहले से ही देश के कई राज्यों में 17,510 मेगावाट बिजली का उत्पादन कर रही है।

अब मिर्जापुर की बारी है, जहां कोयला आधारित इस प्लांट की शुरुआत हो चुकी है। यह अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल तकनीक पर आधारित होगा, जो कि ऊर्जा उत्पादन की सबसे आधुनिक विधि मानी जाती है।
पर्यावरण स्वीकृति और जनसुनवाई प्रक्रिया पूरी
इस परियोजना को केंद्र और राज्य सरकार से जरूरी मंजूरी मिल चुकी है। वन एवं पर्यावरण विभाग से जुड़े सभी कागजी कार्यवाही पूरी कर ली गई हैं। दो दिन पहले ही दादरी खुर्द गांव में जनसुनवाई का आयोजन किया गया।
इस जनसुनवाई में स्थानीय लोगों, हितधारकों और जिला प्रशासन की मौजूदगी में परियोजना के पर्यावरणीय प्रभाव पर चर्चा की गई। मौके पर जिले के अपर जिलाधिकारी शिव प्रताप शुक्ल भी मौजूद थे। लोगों की आपत्तियों और सुझावों पर विचार कर समाधान की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
365 हेक्टेयर में बनेगा प्लांट
अधिकारियों के अनुसार यह थर्मल पावर प्लांट कुल 365.19 हेक्टेयर जमीन पर फैला होगा, जिसमें से 120.51 हेक्टेयर क्षेत्र को ग्रीन बेल्ट के रूप में विकसित किया जाएगा। यानी कुल भूमि का 33% हिस्सा हरियाली के लिए सुरक्षित रहेगा।
इस पावर प्लांट की कुल लागत लगभग 18,300 करोड़ रुपये आंकी गई है। परियोजना पूरी तरह श्रेणी-ए की होगी, यानी यह उच्चस्तरीय मानकों पर आधारित है। यह मिर्जापुर को न सिर्फ ऊर्जा हब बनाएगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी रफ्तार देगा।
रेल लाइन और पानी की व्यवस्था भी तय
इस पावर प्रोजेक्ट के लिए कोयला लाने हेतु विशेष रेलवे लाइन बिछाई जाएगी। यह लाइन लूसा रेलवे स्टेशन से होकर प्लांट तक जोड़ी जाएगी। कोयले की आपूर्ति मुख्य रूप से NCL, SECL और CCL की खदानों से की जाएगी।
पानी की आवश्यकता को पूरा करने के लिए गंगा नदी से पानी लाया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया को पर्यावरणीय नियमों और वैज्ञानिक तकनीकों के अनुसार अंजाम दिया जाएगा, जिससे स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र पर कोई नकारात्मक असर न हो।
स्थानीय लोगों को मिलेगा रोज़गार
कंपनी की तरफ से बताया गया है कि इस परियोजना में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। रोजगार के अवसरों के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने के लिए विशेष बजट तय किया गया है।
अडानी ग्रुप का उद्देश्य न केवल बिजली उत्पादन करना है, बल्कि समाज और क्षेत्र के समग्र विकास में भागीदार बनना भी है। आने वाले समय में यह प्रोजेक्ट मिर्जापुर की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल सकता है।












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