मऊ: मुख्तार अंसारी गैंग के 40 लाख कीमत के अवैध बूचड़खाने को प्रशासन ने किया ध्वस्त
मऊ। उत्तर प्रदेश में माफिया मुख्तार अंसारी की लखनऊ स्थित दो इमारतों को गुरुवार को ढहाने के बाद शुक्रवार को जनपद मऊ में भी उसके अवैध कारोबार पर प्रशासन का बुलडोजर चला है। योगी सरकार मुख्तार अंसारी के काले कारोबार के साम्राज्य को ध्वस्त करने में लगी है। मऊ जिला प्रशासन ने भारी पुलिस बल के साथ जाकर मुख्तार अंसारी के करीबी रईस कुरैशी के अवैध बूचड़खाने को धराशायी कर दिया।
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मऊ जनपद के इस अवैध बूचड़खाने को एक साल पहले जिला प्रशासन ने सील किया था। शुक्रवार को 40 लाख की कीमत वाले इस स्लॉटर हाउस को ढहाने की कार्रवाई पर प्रशासन ने अमल किया। नगरपालिका की जेसीबी शुक्रवार की सुबह को इस अवैध बूचड़खाने को गिराने के लिए लाई गई। प्रशासन ने आसपास भारी पुलिस फोर्स की तैनाती पहले से की थी। डीएम ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने इस कार्रवाई के बारे में बताया कि अवैध बूचड़खाने को मुख्तार अंसारी के गैंग का रईस कुरैशी संचालित कर रहा था। इसमें अवैध रूप से गोकशी कर मांस और चमड़े का व्यापार किया जा रहा था। पहले इस स्लॉटर हाउस को सीज किया गया और अब इसको ध्वस्त कर दिया गया।

इमारत गिराए जाने के बाद मुख्तार के बेटों पर केस दर्ज
लखनऊ के डालीबाग स्थित मुख्तार अंसारी की जिन इमारतों को गुरुवार का ध्वस्त किया गया वह उसके दो बेटों के नाम पर थी। लखनऊ जिला प्रशासन ने मुख्तार अंसारी, उसके दोनों बेटे उमर और अब्बास अंसारी के खिलाफ केस दर्ज कराया है। योगी सरकार अब तक मुख्तार अंसारी गैंग की 100 करोड़ से ज्यादा संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। उसके सहयोगियों और परिजनों के 72 हथियारों के लाइसेंस भी रद्द या निलंबित किए गए हैं। मुख्तार अंसारी गैंग के 96 सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस-प्रशासन ने वाराणसी, गाजीपुर, मऊ समेत अन्य जिलों में उसके मछली कारोबार, बूचड़खानों समेत अन्य अवैध धंधों को बंद कराया।












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