Ghosi Bypoll 2023: घोसी उपचुनाव में सपा और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर, जानिए क्या कहते हैं चुनावी आंकड़े
Ghosi Bypoll 2023: उत्तर प्रदेश के मऊ जिले की घोसी विधानसभा सीट पर 5 सितंबर को उपचुनाव के लिए वोटिंग होनी है। इस सीट पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और समाजवादी पार्टी (SP) के बीच मुकाबला काफी रोचक होने वाला है। क्योंकि, भाजपा ने दारा सिंह चौहान पर भरोसा जताया है।
वहीं, समाजवादी पार्टी ने सुधाकर सिंह को चुनावी मैदान में उतार है। आपको बता दें कि घोसी विधानसभा सीट विधायक दारा सिंह चौहान ने हाल ही में समाजवादी पार्टी का दामन छोड़ दिया था और भाजपा ज्वाइन कर ली थी। इतना ही नहीं, उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा भी दे दिया था।

दारा सिंह चौहान के इस्तीफा देने के बाद रिक्त हुई घोसी सीट पर चुनाव आयोग ने फिर से चुनाव कराने का फैसला लिया था। चुनाव आयोग के इस फैसले के बाद घोसी विधानसभा सीट पर एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई है। इस सीट पर भाजपा-सपा के बीच कांटे का मुकाबला देखने को मिलेगा।
बता दें कि घोसी विधानसभा सीट पर 5 सितंबर को उपचुनाव के लिए वोटिंग होनी है और रिजल्ट 8 सितंबर को घोषित किया जाएगा। इस सीट की सबसे ज्यादा खास बात यह है कि यहां के जातिगत समीकरण कई बार बड़ा उलट-फेर करते हैं। तो वहीं, सपा के सामने इस बार घोसी सीट को बचाने की चुनौती है। साथ ही, PDA की परीक्षा भी है।
घोसी विधानसभा चुनाव पर कितने है वोटर्स
अगर घोसी विधासभा सीट पर मतदाताओं की संख्या की बात करें तो यहां 4024763 वोटर्स है। इनमें पुरुष वोटर्स 228859, महिलाएं 194094 है। यहां मतदेय स्थल 455 और मतदान केंद्र 239 हैं।
घोसी सीट पर ये हैं जातिगत समीकरण
घोसी विधानसभा सीट पर दलित 60,000, चौहान 45,000, मल्लाह 70,000, यादव 40,000, सिया 45,000, सुन्नी 35,000, राजभर 35,000, भूमिहार 35,000, क्षत्रिय 40,000, ब्राह्मण 20,000, बनिया 15,000, मौर्य 15,000, कुर्मी 10,000, लोहार 10,000, कायस्थ 6,000 है।
घोसी विधानसभा सीट के प्रमुख मुद्दे
घोसी सीट के बड़े मुद्दों की बात करें तो इस सीट पर सबसे बड़ा मुद्दा विकास का है। दूसरा मुद्दा सिंचाई की समस्या, तीसरा बाहरी नेताओं का घोसी पर कब्जा और चौथा मुद्दा है जनता की आवाज विधान सभा नहीं पहुंच पाना शामिल हैं। इस मुद्दों में किसानों का मुद्दा भी शामिल है। जी हां...किसानों का आरोप है घोसी चीन मिल समय पर किसानों का गन्नों भुगतान नहीं करती। इस वजह से किसान ना तो अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखा का खर्च उठा पा रहे है औऱ ना ही वह अपने बच्चों की शादियां करवा पा रहे हैं।
2022 के चुनावों में सपा ने भाजपा को हराया था
गौरतलब है कि साल 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी से दारा सिंह चौहान घोसी सीट से प्रत्याशी थे। उन्होंने भाजपा के विजय कुमार राजभर को 22216 मतों के अंतर से हराया था। दारा सिंह चौहान को कुल 1,08,430 वोट मिले थे। जबकि, बीजेपी के विजय राजभर को 86,214 मत प्राप्त हुए थे। इसके अलावा तीसरे नंबर पर बीएसपी के वसीम इकबाल रहे थे।
घोसी की राजनीति इतिहास
घोसी विधानसभा सीट के अस्तित्व में आने के बाद इस सीट पर लगातार किसी पार्टी का कब्जा नहीं रहा है। यहां हर 5 साल में विधायक और पार्टियों का कब्जा बदलता रहा है। 1977 में इस सीट पर जनता पार्टी के विक्रम राय का कब्जा था। तो वहीं, 1980 में कांग्रेस के केदार सिंह का। 1985 में लोक दल, 1989 में कांग्रेस, 1991 में जनता दल, 1993 में बसपा, 1996 और 2002 में बीजेपी, 2007 में बसपा, 2012 में सपा, 2019 में बीजेपी और 2022 में सपा का कब्जा रहा।
(संवाद सूत्र- सुशील सिंह, मऊ)












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