PHOTOS: ताजमहल तक पहुंचा Yamuna का पानी; मथुरा के इन मंदिरों के कपाट बंद, शहर में चल रही नाव
बारिश की वजह से नदियों का जल स्तर अभी बढ़ ही रहा है। प्रदेश की कई नदियां ऊफान पर हैं। गंगा, यमुना, सरयू समेत अन्य नदियों का जलस्तर लगातार खतरनाक होता जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 2 दिन भी नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। वहीं कई विभिन्न क्षेत्रों में बाढ़ की आशंका जताई जा रही है।
ताजमहल तक पहुंचा बाढ़ का पानी
इस बीच मथुरा और आगरा में 45 साल बाद बाढ़ आई है। यमुना का पानी आगरा में ताजमहल और कैलाश मंदिर के गर्भगृह तक आ चुका है। इसके चलते आस पास के कई मकानों को खाली करा दिया गया है। यही नही, बल्कि सावन के तीसरे सोमवार को लगने वाले कैलाश मेला को भी स्थगित कर दिया गया है। दरअसल, मथुरा में यमुना डेंजर लेवल से 1 मीटर ऊपर बह रही हैं। इससे 52 कॉलोनियों में पानी भर गया है। यही नहीं, पानी मथुरा के मंदिरों तक पहुंच गया है। इसके चलते नदी के आस-पास के मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए हैं।

मथुरा में मंदिरों के कपाट बंद, NDRF की टीमें राहत कार्य में जुटी
प्राप्त ताजा जानकारी के अनुसार NDRF की टीमें लोगों को सुरक्षित राहत शिविर में पहुँचाने के कार्य में लगी हुई है। उन्होंने अब तक 500 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाया है, मगर इसके अलावा अभी भी बहुत सारे लोग बाढ़ में फंसे हुए हैं। लोग छतों पर रात काट रहे हैं। वहीं बाढ़ के पानी में डूबने से मथुरा में 1 शख्स जितेंद्र की मौत हो गई है। वो घर के बाद भरे पानी में ही डूब गया।
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ब्रजवासी यमुना के इस स्वरूप की कर रहे पूजा
एक तरफ, यमुना में आई बाढ़ से हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है। आगरा में यमुना नदी के घाट के रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। ताकि लोग सेल्फी-तस्वीर लेने के लिए घाट तक न जाए। आगरा में शहर के अंदर पानी पहुंच चुका है। वहीं दूसरी तरफ, ब्रजवासी यमुना के इस स्वरूप को देखकर श्रद्धा से सराबोर हैं। वृंदावन के ज्ञान गुदड़ी में यमुना का पानी पहुंचने पर पूजा-अर्चना की गई। मान्यता है कि इस स्थान पर यमुना का जल भगवान से मिलने आता है। यह स्थान यमुना की मुख्य धारा से करीब 2 Km शहर में अंदर है। इससे पहले यहां यमुना का जल 2010 में आया था।

45 साल बाद आई है बाढ़
आपको बता दें कि यमुना ने सबसे पहले केशीघाट पर बने प्राचीन यमुना मंदिर में प्रवेश किया। इसके बाद वहां बने हनुमान मंदिर में भी यमुना का पानी पहुंच चुका है। जिसके चलते पूजन के बाद यहां के कपाट भी बंद कर दिए गए हैं। इसके बाद यमुना का जल कालिदह मंदिर पर भी पहुंच गया है। इस स्थान पर द्वापर युग में भगवान श्री कृष्ण ने यमुना में रहकर जल को जहरीला कर रहे कालिया नाग को नाथा था। यहां बताते हैं कि यमुना इससे पहले 45 वर्ष में आई थीं।

हालात गंभीर, यमुना खतरे के निशान से ऊपर
यमुना मथुरा में खतरे के निशान से 1 मीटर ऊपर बह रही है। दिल्ली में कोहराम मचाने वाली यमुना नदी का पानी अब शहर के अंदर आ चुका है। मथुरा-वृंदावन की 45 से ज्यादा कॉलोनी में चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। वृंदावन का आधे से ज्यादा परिक्रमा मार्ग भी पानी में डूबा हुआ है। इसके एलावा रिहायशी इलाकों में पानी घुसा तो घरों में रहने वाले लोगों में हड़कंप मच गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले लोगों ने खुद ही राहत शिविर का रुख कर लिया है। मगर कई ऐसे लोग हैं, जो घरों की छतों पर ही रह रहे हैं।

18 से ज्यादा नलकूप बंद, 3000 से ज्यादा घरों में पीने के पानी का संकट
वहीं DM पुलकित खरे बाढ़ राहत शिविर केंद्र पहुंचकर लगातार बाढ़ पीड़ितों से बात कर रहे हैं। डीएम ने एक केंद्र के लिए एक डिप्टी कलेक्टर को नोडल अधिकारी बना दिया है। ताकि लोगों को साफ पानी और भोजन मुहैया कराया जा सके। आपको बताते चलें कि वृंदावन में 18 से ज्यादा नलकूप बंद हो गए हैं। जिसकी वजह से 3000 से ज्यादा घरों में पीने के पानी का संकट पैदा हो गया है। कई इलाकों में नगर निगम टैंकरों से सप्लाई करने कर रहा है।

















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