Zubair Hangargekar कौन है? QA स्किल्स के पीछे छिपा अल-कायदा का काला चेहरा, ATS ने दबोचा-जानें पूरी कुंडली
Who Is Zubair Hangargekar: महाराष्ट्र के पुणे शहर में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर का चेहरा आज आतंकवाद के काले अध्याय में जुड़ गया। महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने सोमवार (27 अक्टूबर 2025)को कोंढवा इलाके से 32 वर्षीय जुबैर हंगरगेकर को धर दबोचा, जो पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित संगठन अल-कायदा के साथ कथित तार जोड़कर युवाओं को कट्टरपंथ की आग में झोंकने का मास्टरमाइंड था।
पिछले महीने से ATS की निगरानी में घिरे हंगरगेकर को गिरफ्तारी के तुरंत बाद विशेष UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) कोर्ट में पेश किया गया, जहां जज ने 4 नवंबर तक पुलिस रिमांड दे दी। तलाशी में बरामद आपत्तिजनक मटेरियल- सोशल मीडिया पर रेडिकल कंटेंट, एन्क्रिप्टेड चैट्स और प्रोपेगैंडा वीडियोज- से साफ है कि वो महाराष्ट्र और आसपास के शहरों में बड़े आतंकी हमलों की साजिश रच रहा था।

ये गिरफ्तारी दिल्ली-भोपाल के ISIS मॉड्यूल के बाद ATS की तीसरी बड़ी सेंसर स्ट्राइक है, जो अल-कायदा की ऑनलाइन रेडिकलाइजेशन मशीनरी को एक्सपोज कर रही है। आखिर कौन है ये जुबैर हंगरगेकर, जिसकी स्क्रीन पर कोडिंग की बजाय कट्टरपंथ के कोड चल रहे थे? क्या ये QA एक्सपर्ट, जो ETL टेस्टिंग और BI प्रोजेक्ट्स में माहिर था, आतंकी हमलों की साजिश रच रहा था? आइए, जुबैर की 'कुंडली' खोलें-शिक्षा, करियर, स्किल्स, फैमिली बैकग्राउंड और ATS केस की पूरी टाइमलाइन...
Zubair Hangargekar Profile: सोलापुर से पुणे तक का 'नॉर्मल' सफर
जुबैर हंगरगेकर का जन्म महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में हुआ, जहां एक मध्यमवर्गीय मुस्लिम परिवार में पला-बढ़ा। बचपन से ही टेक्नोलॉजी का शौक था। स्कूल-कॉलेज में क्रिकेट और फुटबॉल टीम का कैप्टन रहा, जहां लीडरशिप स्किल्स निखरीं। 2005 से 2009 तक वालचंद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (WIT), सोलापुर में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (BE) किया। अकादमिक रिकॉर्ड स्ट्रॉन्ग- सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और IT कोर्सेज में टॉप परफॉर्मर। ग्रेजुएशन के बाद पुणे शिफ्ट हो गया, जहां IT हब की चकाचौंध ने उसे आकर्षित किया।
Zubair Hangargekar Family: परिवार में कौन-कौन?
पिता छोटे बिजनेस में, मां होममेकर; दो छोटे भाई-बहन। कोई क्रिमिनल बैकग्राउंड नहीं, लेकिन ATS के मुताबिक, 2023-24 में सोशल मीडिया पर 'रेडिकल एक्सपोजर' से लाइफ चेंज हुई।
Zubair Hangargekar Kundali: 14+ साल की QA जर्नी, लेकिन 'डार्क साइड' कब शुरू?
जुबैर की 'कुंडली' में करियर सबसे चमकदार अध्याय 14 साल से ज्यादा का अनुभव, जो ट्रैवल-हॉस्पिटैलिटी, बैंकिंग, मीडिया-एंटरटेनमेंट और ई-लर्निंग सेक्टरों में फैला। साइबोज (Cybage) में सीनियर QA एनालिस्ट के तौर पर काम, जहां ETL (Extract, Transform, Load) टेस्टिंग, डेटा वेयरहाउस, BI (Business Intelligence) और SQL वैलिडेशन पर फोकस। ISTQB सर्टिफाइड, SDET (Software Development Engineer in Test) प्रिंसिपल्स का मास्टर।
फ्रीलांसर के तौर पर भी एक्टिव-प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग में एक्सपर्ट, जहां इश्यूज को रैपिडली सॉल्व करता। लिंक्डइन पर 500+ कनेक्शन्स, जहां वो 'हाई-क्वालिटी डिलीवरी' और 'क्रॉस-फंक्शनल कोलैबोरेशन' की तारीफ करता। लेकिन ATS की जांच से खुलासा:- ये स्किल्स ही उसके 'डार्क वर्क' का हथियार बने। Python से एन्क्रिप्टेड स्क्रिप्ट्स बनाईं, SQL से डेटा मैनिपुलेट किया रेडिकल कंटेंट के लिए। 2024 तक साइबोज में सैलरी ₹12-15 लाख/साल अनुमानित, लेकिन 'रेडिकलाइजेशन' से फंडिंग मिल रही थी।
Zubair Hangargekar Al-Qaeda links: 'डार्क चैप्टर': अल-कायदा लिंक्स, रेडिकलाइजेशन और ATS की नजर
2023 से जुबैर की लाइफ 'डबल' हो गई। ATS के मुताबिक, पाकिस्तान-बेस्ड अल-कायदा (AQIS) के हैंडलर्स से टेलीग्राम-व्हाट्सएप पर कनेक्ट। युवाओं को 'ऑनलाइन जिहाद' में फंसाने का रोल- 20+ टारगेट्स, जिनमें पुणे-मुंबई के स्टूडेंट्स। प्रोपेगैंडा वीडियोज, जिहादी लिटरेचर शेयर। 9 अक्टूबर 2025 को ATS के रेड्स में उसके फ्लैट से 500GB+ डेटा जब्त- एन्क्रिप्टेड चैट्स, IED मैनुअल्स, रिक्रूटमेंट प्लान्स। UAPA धाराएं 16 (टेरर फंडिंग), 18 (कांस्पिरेसी), 20 (मेंबरशिप) लगीं।
Zubair Hangargekar Timeline: टाइमलाइन:
- 2023: सोशल मीडिया पर रेडिकल एक्सपोजर शुरू। AQIS से कांटेक्ट।
- सितंबर 2025: ATS सर्विलांस शुरू-संदिग्ध चैट्स इंटरसेप्ट।
- 9 अक्टूबर 2025: पुणे में 15+ लोकेशन्स पर रेड्स; FIR UAPA के तहत।
- 27 अक्टूबर 2025: कोंढवा से गिरफ्तार; कोर्ट रिमांड।
पर्सनल लाइफ: सिंगल, प्रोफेशनल इमेज, लेकिन आइसोलेटेड?
लिंक्डइन पर 'एम्पावरिंग बिजनेसेस विथ रिलायबल डेटा टेस्टिंग' का टैगलाइन, लेकिन प्राइवेट लाइफ प्राइवेट। अनमैरिड जुबैर, पुणे के कोंढवा फ्लैट में अकेला रहता था। फैमिली सोलापुर में, जो अभी सदमे में है। लेकिन ATS के अनुसार, कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड पहले नहीं, लेकिन 2023 के ISIS मॉड्यूल केस से लिंक संभव। रिमांड में पूछताछ जारी- रिक्रूट्स, फंडिंग, अटैक डेट्स। ATS ने पुणे-मुंबई में अलर्ट बढ़ाया। जुबैर की 'कुंडली' QA से टेरर तक का सफर दिखाती है-एक चेतावनी कि टेक स्किल्स गलत हाथों में घातक। क्या ये केस अल-कायदा के इंडियन नेटवर्क को तोड़ेगा?
(नोट- सभी फैक्ट्स ATS, लिंक्डइन और रिपोर्ट्स पर आधारित।)












Click it and Unblock the Notifications