Maharashtra Vidhan Parishad Elections: 11 सीटों पर आज महासंग्राम, NCP–शिवसेना–UBT-कांग्रेस–BJP किसकी होगी जीत?
Maharashtra Vidhan Parishad Elections 2026: महाराष्ट्र विधान परिषद की 11 सीटों के महासंग्राम के लिए आज का दिन बेदह अहम है। राज्य के राजनीतिक समीकरणों को तय करने वाले इस महत्वपूर्ण चुनाव में 11 सीटों के लिए मतदान प्रक्रिया आज शुरू हो चुकी है। इस बार का मुकाबला बेहद दिलचस्प है क्योंकि इसमें सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी महाविकास अघाड़ी के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है।
इस चुनावी जंग की शुरुआत से पहले ही महायुति गठबंधन ने राजनीतिक स्तर पर बड़ी बढ़त हासिल कर ली थी। कुल 17 सीटों में से 6 सीटों पर पहले ही उम्मीदवारों का निर्विरोध चयन हो चुका है। ऐसे में बची हुई 11 सीटों पर खुद को साबित करने के लिए सभी प्रमुख सियासी दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।

Maharashtra Vidhan Parishad: 11 सीटों पर किन दिग्गजों के बीच हो रहा कड़ा मुकाबला?
सोलापुर सीट
गुरुवार को महाराष्ट्र विधान परिषद की जिन 11 सीटों पर वोटिंग हो रही है उनमें कई महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। सोलापुर में भाजपा के राजेंद्र राउत और शरद पवार गुट के वसंतराव देशमुख के बीच कड़ा मुकाबला है। वहीं जलगांव सीट पर भाजपा के नंदकिशोर महाजन का मुकाबला शिवसेना उद्धव गुट के शरद तायडे और शिंदे गुट की बागी रेश्मा काले से है।
सांगली-सातारा सीट
सांगली-सातारा सीट पर भाजपा के धैर्यशील कदम और शरद पवार गुट के अभयसिंह जगताप आमने-सामने हैं। इस सीट पर तीसरा निर्दलीय उम्मीदवार भी है जिसके कारण यहां त्रिकोणीय मुकाबला है।
नांदेड़ सीट
नांदेड़ में भाजपा उम्मीवार अमर राजूरकर का मुकाबला कांग्रेस उम्मीदवार से है।
नागपुर सीट पर उपचुनाव
नागपुर विधान परिषद उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (महायुति) के उम्मीदवार डॉ. राजीव पोतदार और कांग्रेस (महा विकास आघाड़ी) के राज्य प्रवक्ता अतुल लोंढे से हो रहा है। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के इस सीट को छोड़ने के बाद ये चुनाव दोनों दलों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है।
भंडारा-गोंदिया
भंडारा-गोंदिया में अविनाश ब्राह्मणकर (भाजपा) और नरेश ईश्वरकर (कांग्रेस समर्थित) के बीच टक्कर है।
नासिक सीट
महायुति के अधिकृत उम्मीदवार और निवर्तमान विधायक नरेंद्र दराडे और उनके खिलाफ मैदान में डटे अन्य निर्दलीय/विद्रोही उम्मीदवारों के बीच है। नरेंद्र दराडे को एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने चुनाव मैदान में उतारा है, जिन्हें बीजेपी और एनसीपी का समर्थन है।
अमरावती
अमरावती में कांग्रेस के हर्षदीप देशमुख और भाजपा के प्रवीण पोटे के बीच मुख्य मुकाबला है, जिसमें वंचित बहुजन आघाड़ी के निलेश विश्वकर्मा भी चुनौती पेश कर रहे हैं।
धाराशिव-लातूर-बीड सीट
धाराशिव-लातूर-बीड सीट पर महायुती (भाजपा) और महाविकास आघाडी (कांग्रेस) के बीच सीधी टक्कर है। चुनाव के प्रमुख उम्मीदवार भाजपा के बसवराज पाटील और कांग्रेस के महेश देशमुख चुनाव मैदान में हैं।
परभणी-हिंगोली सीट
परभणी-हिंगोली में सईद खान (शिवसेना) का मुकाबला उद्धव ठाकरे गुट के डॉ. विवेक नावंदर से है।
छत्रपति संभाजीनगर-जालना सीट
वहीं छत्रपति संभाजीनगर-जालना में महायुति की ओर से भाजपा के सुहास शिरसाट और उद्धव गुट के उम्मीदवार बीच कांटे का मुकाबला है।
कब आएगा चुनाव परिणाम?
18 जून को वोटिंग खत्म होने के बाद मतपेटियों को कड़ी सुरक्षा में सील कर दिया जाएगा। सभी सीटों के भाग्य का अंतिम फैसला आगामी 22 जून 2026 को घोषित होने वाले नतीजों से होगा। इन चुनावों के जरिए यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि स्थानीय स्तर पर कौन सा गठबंधन ज्यादा मजबूत है।
Maharashtra Vidhan Parishad Elections: कौन करता है वोटिंग?
विधान परिषद की इन सीटों पर होने वाले चुनाव में आम जनता सीधे तौर पर वोटिंग नहीं करती है। इस अप्रत्यक्ष चुनाव प्रक्रिया में स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि वोट होते हैं। इनमें नगर निगमों, नगर परिषदों के निर्वाचित पार्षद, जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति के सदस्य अपने मताधिकार का उपयोग कर नए जनप्रधिनिधियों का चुनाव करते हैं। Shiv Sena UBT MP Rebellion: संजय देशमुख कौन? क्या है उद्वव ठाकरे की शिवसेना की बगावत से इनका कनेक्शन?
विधान परिषद में कैसे होती है वोटिंग?
यह मतदान खास आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के आधार पर पूरा होता है। वोटिंग के दौरान मतदाता को बैलट पेपर पर अपनी पसंद के अनुसार उम्मीदवारों को प्राथमिकता देनी होती है। मतदाता अपनी पहली पसंद के प्रत्याशी के सामने 1, दूसरी पसंद के सामने 2 और तीसरी पसंद के सामने 3 लिखकर अपनी प्राथमिकता तय करते हैं।
मतगणना के दौरान सबसे पहली प्राथमिकता के वोटों की गिनती की जाती है। यदि कोई उम्मीदवार चुनाव जीतने के लिए निर्धारित जरूरी कोटा पहली गिनती में ही हासिल कर लेता है, तो उसे तत्काल विजयी घोषित कर दिया जाता है नहीं तो अगली प्राथमिकताओं के मतों की गिनती कर अंतिम फैसला किया जाता है।
महायुति की 6 सीटों पर पहले ही चुकी है जीत
चुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ ही महायुति गठबंधन ने रणनीतिक सूझबूझ दिखाते हुए कुल छह सीटों पर अपने प्रत्याशियों को निर्विरोध निर्वाचित कराने में सफलता पाई थी। इन प्रमुख सीटों पर विपक्षी दलों की ओर से कोई मजबूत दावेदार मैदान में न होने के कारण यह राह आसान हुई थी।
| सीट का नाम | विजेता उम्मीदवार | संबंधित राजनीतिक दल |
|---|---|---|
| ठाणे | रविंद्र फाटक | शिवसेना |
| यवतमाल | दुष्यंत चतुर्वेदी | शिवसेना |
| रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग | अनिकेत तटकरे | राष्ट्रवादी कांग्रेस (NCP) |
| पुणे | विक्रम काकड़े | राष्ट्रवादी कांग्रेस (NCP) |
| वर्धा-गडचिरोली-चंद्रपुर | अरुण लखानी | भारतीय जनता पार्टी (BJP) |
| अहिल्यानगर | प्राजक्त तनपुरे | भारतीय जनता पार्टी (BJP) |
निर्विरोध चुनाव में मिली इस सफलता ने महायुति के हौसले बुलंद किए हैं। ठाणे और यवतमाल जैसी महत्वपूर्ण सीटों पर शिवसेना की मजबूत पकड़ साबित हुई है, जबकि पुणे और रायगढ़-रत्नागिरी संभाग में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने मजबूती दर्ज कराई है। अंतिम परिणामों से पहले ही इस जीत ने गठबंधन को बड़ी राहत दी है।
महाराष्ट्र के लिए ये विधान परिषद चुनाव क्यों अहम है?
महाराष्ट्र के इस विशेष चुनाव को आगामी विधानसभा चुनावों के रिहर्सल के रूप में देखा जा रहा है। महायुति और महाविकास अघाड़ी, दोनों ही गठबंधनों के लिए यह अपनी सांगठनिक एकजुटता और ताकत दिखाने का सही मौका है। स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधियों का वोट इस बात का भी संकेत देगा कि जमीनी स्तर पर हवा किस तरफ बह रही है।
इन चुनावों के परिणाम राज्य के शीर्ष नेताओं के प्रभाव को भी तय करेंगे। शरद पवार, उद्धव ठाकरे, एकनाथ शिंदे, अजीत पवार और देवेंद्र फडणवीस जैसे दिग्गज नेताओं की साख इस चुनाव से जुड़ी हुई है। क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं के बीच सभी दलों ने अपने मतदाताओं को एकजुट रखने की हरसंभव कोशिश की है।













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