International Yoga Day 2026: 'योग भारत की अमूल्य धरोहर', राष्ट्रपति मुर्मू ने दिया स्वस्थ जीवन का संदेश
International Yoga Day 2026: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर मध्य प्रदेश के जबलपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने योग को भारत की सांस्कृतिक विरासत का अमूल्य उपहार बताते हुए कहा कि 'आज जब दुनिया अनेक चुनौतियों का सामना कर रही है, तब योग मानवता को शांति, संतुलन और सद्भाव की दिशा दिखा रहा है।'
गैरिसन ग्राउंड में आयोजित विशाल योग सत्र में राष्ट्रपति ने मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई छगनभाई पटेल, मुख्यमंत्री मोहन यादव और हजारों प्रतिभागियों के साथ योगाभ्यास किया। सफेद सलवार-कुर्ता पहने राष्ट्रपति ने विभिन्न योगासन किए और लोगों को योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया।

राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि 'योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने का माध्यम है। योग'का शाब्दिक अर्थ जोड़ना है और यह व्यक्ति को स्वयं से, समाज को प्रकृति से तथा मानवता को सार्वभौमिक चेतना से जोड़ता है।'
उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में योग वैश्विक कल्याण का एक प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है और दुनिया के अनेक देशों में करोड़ों लोग इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना चुके हैं। इस वर्ष की थीम "Healthy Ageing" का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि योग बढ़ती उम्र में भी लोगों को सक्रिय, आत्मनिर्भर और मानसिक रूप से संतुलित बनाए रखने में मदद करता है।
राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने कहा कि 'योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का साधन नहीं, बल्कि जीवन को सरल, संतुलित और आनंदमय बनाने की कला है। उन्होंने लोगों से प्रतिदिन 20 से 30 मिनट योग, ध्यान और प्राणायाम करने की अपील की।'
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि 'योग न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करता है, बल्कि विश्व कल्याण, शांति और सद्भाव को भी बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi ने योग को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और दुनिया को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया है।'












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