कौन हैं महाराष्ट्र के नए प्रोटेम स्पीकर कालिदास कोलंबकर? जानें कैसे अचानक बन गए थे देवेंद्र फडणवीस के मुरीद
Maharashtra Protem Speaker Kalidas Kolambkar Profile: देवेंद्र फडणवीस के मुुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के एक दिन बाद आज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ विधायक कालिदास कोलंबकर ने 'प्रोटेम स्पीकर' की जिम्मेदारी संभाल ली है। कोलंबर नई महाराष्ट्र विधानसभा के सबसे वरिष्ठ सदस्य हैं। कोलंबकर के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, विधान परिषद की उपसभापति नीलम गोरहे और मुख्य सचिव सुजाता सौनिक भी मौजूद रहे।
70 साल की उम्र में वे विधानसभा आए कोलंबर महाराष्ट्र की राजनीति में दिग्गज खिलाड़ी हैं। 9 बार विधायक रह चुके कालिदास कोलंबकर के बारे में आइए जानते हैं खास बातें और उनकी जिम्मेदारी क्या होगी?

70 वर्षीय कोलंबकर हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में मुंबई की वडाला सीट से जीत हासिल की है। पहली बार 1990 में वडाला सीट से शिवसेना के उम्मीदवार के तौर पर चुने गए थे। कभी बाल ठाकरे के करीबी नेताओं में कालिदास कोलंबकर की राजनीतिक यात्रा महत्वपूर्ण मील के पत्थर और बदलावों से भरी हुई है।
महाराष्ट्र में उनका राजनीतिक सफर शिवसेना से कांग्रेस और अब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) तक तय किया हैशुरुआत में शिवसेना के सदस्य रहे कोलंबकर का झुकाव पिछले कुछ सालों में बदलता रहा। 2005 में नारायण राणे के साथ शिवसेना छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे।
फडणवीस के कैसे मुरीद हुए कालिदास कोलंबकर?
वहीं 2019 में देवेंद्र फडणवीस द्वारा वडाला के विकास को प्राथमिकता देने के आश्वासन से प्रोत्साहित होकर कालिदास कोलंबकर भाजपा ज्वाइन कर ली। महाराष्ट्र विधानसभा के हालिया चुनावों में कोलंबकर की जीत, जिसमें उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) के उम्मीदवार को महत्वपूर्ण अंतर से हराया है। कोलंबकर को अब प्रोटेम स्पीकर की भूमिका नई नहीं है, उन्हें 2019 में भी इस पद पर नियुक्त किया गया
तीन दिवसीय विशेष सत्र में 288 विधायकोंं दिलाएंगे शपथ
महाराष्ट्र विधानसभा शनिवार 7 दिसंबर से शुरू होने वाले तीन दिवसीय विशेष सत्र का ऐलान सीएम देवेंद्र फडणवीस ने शपथ लेने के तुरंत बाद कर दिया था। इस दौरान विधानसभा के नवनिर्वाचित सदस्य (विधायक) शपथ लेंगे। सत्र की देखरेख प्रोटेम स्पीकर कालिदास कोलंबकर करेंगे और 288 नवनिर्वाचित विधायकों को पद की शपथ दिलाएंगे और विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव में मदद करेंगे।
तीन दिवसीय सत्र में और क्या होगा?
तीन दिवसीय विशेष सत्र का सत्र में कई महत्वपूर्ण गतिविधियां होंगी, जैसे कि 9 दिसंबर (सोमवार) को विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव और उसके बाद नई सरकार के लिए विश्वास मत, जो विधायी एजेंडे के लिए मंच तैयार करता है।
16 दिसंबर को शुरू होगा शीतकालीन सत्र
विशेष सत्र और नई सरकार की स्थापना के बाद, महाराष्ट्र विधानमंडल का शीतकालीन सत्र 16 दिसंबर से राज्य की दूसरी राजधानी नागपुर में शुरू होने वाला है। इस सत्र से सरकार के विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने और राज्य के सामने आने वाले प्रमुख मुद्दों को संबोधित करने की उम्मीद है।












Click it and Unblock the Notifications