Maharashtra: केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के बेटे और पूर्व सांसद नीलेश राणे का राजनीति से संन्यास, बताई यह वजह?
Maharashtra Nilesh Rane Retirement: दशहरे के दिन महाराष्ट्र की राजनीति से बड़ी खबर सामने आई है। पूर्व सांसद और बीजेपी नेता नीलेश राणे ने राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। नीलेश राणे केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के बेटे हैं।
अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उन्होंने सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि वो सक्रिय राजनीति से दूर हो रहे हैं। राणे ने कहा कि उनका राजनीति में मन नहीं लग रहा है।

महाराष्ट्र की रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले पूर्व सांसद और भाजपा नेता नीलेश राणे ने मंगलवार को सक्रिय राजनीति से संन्यास की घोषणा की है। उन्होंने एक्स (ट्विटर) पर अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए से इस निर्णय को साझा किया, जिसमें बताया गया कि वह बिना किसी विशेष कारण के स्थायी रूप से सक्रिय राजनीति से दूर जा रहे हैं।
अपने पोस्ट में नीलेश राणे ने ये लिखा
अपने पोस्ट में नीलेश राणे ने लिखा," नमस्कार, मैं सक्रिय राजनीति से स्थायी रूप से अलग हो रहा हूं। अब राजनीति में कोई रुचि नहीं रह गई है, बाकी कोई और कारण नहीं है। मैं आप सभी का बहुत आभारी हूं, जिन्होंने पिछले 19-20 वर्षों में मुझे इतना प्यार दिया और मेरे साथ बने रहें। मैं बहुत भाग्यशाली हूं कि मुझे बीजेपी में इतना प्यार मिला और मुझे बीजेपी जैसे महान संगठन में काम करने का अवसर मिला।"
भाजपा संगठन का जताया आभार
उन्होंने आगे लिखा, "मैं छोटा आदमी हूं, लेकिन मैंने राजनीति में बहुत कुछ सीखा और कुछ साथी हमेशा के लिए एक परिवार बन गए, मैं जीवन में हमेशा उनका ऋणी रहूंगा। मुझे अब चुनाव लड़ने आदि में कोई दिलचस्पी नहीं है। आलोचक आलोचना करेंगे, लेकिन मुझे अपना समय और दूसरों को बर्बाद करना पसंद नहीं है, जहां यह मेरे दिमाग में नहीं आता है। अनजाने में कुछ लोगों को ठेस पहुंचाने के लिए मैं क्षमा चाहता हूं। आप सभी को मेरी शुभकामनाएं. जय महाराष्ट्र!"
जानिए नीलेश राणे के राजनीतिक सफर के बारे में
बता दें कि नीलेश राणे केंद्रीय कैबिनेट मंत्री नारायण राणे के बेटे हैं। उनके भाई नितेश नारायण राणे, महाराष्ट्र विधानसभा में कंकावली निर्वाचन क्षेत्र के विधायक हैं। नीलेश राणे 2009 से 2017 तक कांग्रेस के सदस्य रहे थे। इस दौरान साल 2009 में 15वीं लोकसभा चुनाव में रत्नागिरी सिंधुदुर्ग लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़े और जीते।
इसी दौरान राणे ने गृह मामलों की समिति और नियम समिति में सक्रिय रूप से भाग लिया। इसके बाद 16वें लोकसभा चुनाव में उन्होंने उसी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें शिवसेना के उम्मीदवार विनायक राउत से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने 2019 में बीजेपी ज्वाइन की और तब से भाजपा के सदस्य हैं।













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