Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

'चुनाव आयोग एक जोकर है', उद्धव ठाकरे की शिवसेना- UBT ने चुनाव स्‍थगित होने को बताया सुनियोजित साजिश

Maharashtra Politics: महाराष्‍ट्र के चुनाव आयोग ने कोर्ट के आदेश के चलते 24 नगर परिषदों और 76 अन्य नगर परिषदों व नगर पंचायतों के 154 वार्डों के चुनाव अचानक 20 दिसंबर तक स्थगित कर दिया। चुनाव स्‍थगित किए जाने पर शिवसेना (यूबीटी) ने मंगलवार को राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) पर हमला बोला है।

पार्टी ने नगर परिषदों और नगर पंचायतों के 154 वार्डों के चुनाव अचानक 20 दिसंबर तक स्थगित करने के आयोग के फैसले को "सुनियोजित राजनीतिक चाल" बताया है। शिवसेना (यूबीटी) का कहना है कि इस कदम से महाराष्ट्र में लोकतांत्रिक प्रक्रिया पूरी तरह से बाधित हो गई है।

Maharashtra Politics

उद्धव ठाकरे की पार्टी ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि, "एसईसी ने यह साबित कर दिया है कि उसकी सोच सही नहीं है," और उसके पास इतनी अचानक चुनाव स्थगित करने का अधिकार नहीं है।

"चुनाव आयोग एक जोकर"

दरअसल, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले दल ने अपने मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में एसईसी को "राजनीतिक खेल का जोकर" करार दिया। संपादकीय में आरोप लगाया गया कि सरकार, "खासकर भाजपा ने चुनाव आयोग को अपना जोकर बना लिया है।"

"सुनोयोजित गड़बड़ी का उद्देश्‍य भाजपा को लाभ पहुंचाना है"

सामना में आगे लिखा गया, यह "एक सुनियोजित गड़बड़ी और अराजकता" है, जिसका एकमात्र उद्देश्य "भाजपा को फायदा पहुंचाना" है। संपादकीय के अनुसार, एसईसी ने अदालती मामलों का हवाला देते हुए चुनाव स्थगित किए, लेकिन सत्तारूढ़ गठबंधन के सहयोगियों द्वारा मतदाताओं को लुभाने के लिए पैसे के इस्तेमाल की अनदेखी कर "लक्ष्मीदर्शन" का नाटक बेनकाब कर दिया है।

"वोटर्स को खरीदने" की "बेशर्म प्रतिस्पर्धा" में लगे हुए हैं"

शिवसेना (यूबीटी) ने दावा किया कि "अभूतपूर्व भ्रष्टाचार और खर्च हुआ है।" पार्टी का आरोप है कि ये चुनाव पिछले चार दशकों में देखे गए सबसे महंगे और भ्रष्ट चुनाव हैं, जिसमें सत्तारूढ़ दल करोड़ों रुपये खर्च करने और "वोटर्स को खरीदने" की "बेशर्म प्रतिस्पर्धा" में लगे हुए हैं।

चुनाव स्थगित होने से वित्तीय बोझ बढ़ेगा

संपादकीय में दावा किया गया कि चुनाव स्थगित होने से वित्तीय बोझ बढ़ेगा, क्योंकि उम्मीदवारों को मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक लाने के लिए "नए लक्ष्मीदर्शन" के वास्ते और अधिक पैसा खर्च करना होगा। ठाकरे खेमे ने आरोप लगाया कि यह भारी खर्च ऐसे समय में हो रहा है जब महाराष्ट्र राज्य "आठ लाख करोड़ रुपये" के कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है।

शिवसेना (यूबीटी) ने कहा, "मुख्यमंत्री और उनके दोनों उपमुख्यमंत्री चुनावी भाषणों में मनमाने वादे कर रहे हैं, लेकिन सरकारी खजाने में उन्हें पूरा करने के लिए धन नहीं है। इसके बजाय, राजनीतिक खेल पूरी तरह से शासकों के 'मजबूत निजी खजानों' पर चल रहा है।" उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने मांग की है कि मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्रियों को लोगों के सामने राज्य की वर्तमान वित्तीय स्थिति का खुलासा करना चाहिए।

अनुमति के बिना चुनाव स्थगित कर सकता है?

संपादकीय में इस बात पर भी जोर दिया गया कि एसईसी के पास इस तरह से जल्दबाजी में चुनाव स्थगित करने का अधिकार नहीं है। संपादकीय में प्रश्न उठाया गया है, "क्या एसईसी मुख्यमंत्री की अनुमति के बिना चुनाव स्थगित कर सकता है? साथ ही, नगर परिषदें राज्य के शहरी विकास विभाग के दायरे में आती हैं। तो, क्या कुछ स्थानीय निकायों में जल्दबाजी में चुनाव स्थगित करके यह भ्रम पैदा करने में शहरी विकास विभाग की कोई भूमिका है?"

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+