Maharashtra Politics: उद्धव ठाकरे क्या राज ठाकरे के साथ लड़ेंगे निकाय चुनाव? संजय राउत ने दिया बड़ा अपडेट
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में जल्द निकाय चुनाव होने वाले हैं, जिसको लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस बार का निकाय चुनाव बड़ा ही दिलचस्प होने वाला है क्योंकि शिवसेना के दो टुकड़े होने के बाद ये पहला निकाय चुनाव है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना इस चुनाव में अधिक से अधिक सीट जीतने के लिए पूरा जोर लगा रही हैं।
चुनाव की तैयारियों के बीच शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने एक बड़ा बयान दिया है,उन्होंने दावा किया है है कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे आगामी महाराष्ट्र नगर पालिका चुनाव साथ लड़ेंगे। यह घोषणा उन्होंने नासिक में की, जिससे महाराष्ट्र की राजनीति में अटकलों का दौर फिर से तेज हो गया है।

संजय राउत ने नासिक में मीडिया से बात करते हुए बताया कि ठाकरे बंधुओं ने "महाराष्ट्र और मराठी एकता के लिए तलवार उठा ली है।" उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान भाजपा सरकार की नीतियां "तालिबानी प्रवृत्ति" की हैं। राउत के अनुसार, दोनों भाई मुंबई, ठाणे, कल्याण-डोंबिवली और नासिक जैसे प्रमुख शहरी क्षेत्रों में मिलकर चुनाव लड़ेंगे।
गौरतलब है कि उद्धव और राज ठाकरे ने 5 जुलाई को एक सार्वजनिक मंच साझा किया था, जो कई सालों बाद हुआ था। इस घटना के बाद से ही उनके बीच राजनीतिक गठबंधन की संभावनाओं को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि, तब कोई स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आई थी।
इसके बाद 27 जुलाई को उद्धव ठाकरे के जन्मदिन पर राज ठाकरे उनके आवास 'मातोश्री' पहुंचे थे, जिससे राजनीतिक गलियारों में तापमान और बढ़ गया। अब संजय राउत के इस ऐलान ने इन अटकलों को और मजबूती प्रदान की है।
पीएम मोदी पर संजय राउत ने कसा तंज
संजय राउत ने प्रधानमंत्री मोदी के भाषण पर कटाक्ष करते हुए कहा, "मिस्टर मोदी ने स्वदेशी का नारा दिया, ये भी तो पंडित नेहरू का ही विजन है। महात्मा गांधी का विजन है। अब पंडित नेहरू और गांधी के विजन की याद आ गई।" उन्होंने आगे कहा कि स्वदेशी का नारा हमेशा कांग्रेस का रहा है। राउत ने व्यंगात्मक लहजे में यह भी कहा, "अब कुछ दिन बाद आप गांधी टोपी पहनकर भाषण देंगे। उसके सिवा आपके पास कोई चारा नहीं है।" उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि मोदी "धीरे-धीरे गांधीवाद और नेहरूवाद की तरफ जा रहे हैं।"
कब होगा महाराष्ट्र में निकाय चुनाव?
5 अगस्त 2025 को घोषणा की कि पुणे नगर निगम (PMC) और पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निगम (PCMC) सहित अन्य स्थानीय निकायों के चुनाव दिवाली (20 अक्टूबर) के बाद नवंबर-दिसंबर 2025 में आयोजित किए जाएंगे, अनुमान लगाया कि त्योहारी सीजन के कारण मतदान कम हो सकता है। चुनाव नवंबर-दिसंबर में होंगे और जनवरी 2026 तक खिंच सकते हैं। जनवरी 2026 तक चल सकते हैं। हालांकि, वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) मशीनों के इस्तेमाल से इनकार ने विपक्ष को सरकार पर हमलावर होने का मौका दे दिया है।
महाराष्ट्र निकाय चुनाव
महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों, 243 नगर परिषदों, 37 नगर पंचायतों, 26 जिला परिषदों और 289 पंचायत समितियों में चुनाव होने हैं। इनमें बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC), पुणे नगर निगम (PMC), पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निगम (PCMC), नागपुर, नासिक, नवी मुंबई, कोल्हापुर, डोंबिवली, कल्याण, छत्रपति संभाजी नगर और वसई-विरार प्रमुख हैं।
क्यों हुई निकाय चुनाव में देरी?
चुनावों में देरी के कई कारण रहे हैं, जिनमें कोविड-19 महामारी, ओबीसी आरक्षण विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में तीन साल तक चले मुकदमे, और वार्ड परिसीमन का मामला शामिल है। उद्धव ठाकरे सरकार ने बीएमसी के वार्डों की संख्या 227 से बढ़ाकर 236 की थी, जिसे शिंदे सरकार ने रद्द कर दिया था। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित रहा।












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