टूट गई Uddhav Thackeray की शिवसेना, 6 बागी सांसद Eknath Shinde गुट में हुए शामिल, क्या होगा असर?
Uddhav Thackeray Shiv Sena UBT Split: महाराष्ट्र की सियासत में 2022 के बाद एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। एकनाथ शिंदे का कथित 'ऑपरेशन टाइगर' आखिरकार कामयाब हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) को तगड़ा झटका लगा है। उद्वव गुट के नौ सांसदों में से छह सांसदों ने बगावत करते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली मूल शिवसेना का दामन थाम लिया है।
इस पूरे ऑपरेशन को बड़े ही गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया। दिल्ली में 17 जून 2026 (बुधवार) को सुबह इन छह बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की। आधिकारिक तौर पर एकनाथ शिंदे की पार्टी में शामिल होने की घोषणा की। उद्धव ठाकरे की पार्टी अब तक की दूसरी बड़ी टूट है।

दिल्ली में हुआ बड़ा खेल, क्या है नंबर गेम?
इस घटनाक्रम में दल-बदल विरोधी कानून की संवैधानिक प्रक्रिया भी चर्चा में है क्योंकि इस बगावत ने न केवल उद्धव ठाकरे की राजनीतिक ताकत को कम किया है, बल्कि संवैधानिक रूप से बागी सांसदों को मजबूती दी है। दल-बदल विरोधी कानून से बचने के लिए किसी भी दल के कम से कम दो-तिहाई निर्वाचित सांसदों का अलग होना जरूरी होता है। लोकसभा में शिवसेना (यूबीटी) के कुल नौ सांसद थे, जिनमें से छह के जाने के बाद उन पर दलबदल कानून लागू नहीं होगा क्योंकि इसके बाद बड़े उद्धव के पास केवल तीन सांसद ही बचे हैं।
कौन हैं ये 6 बागी सांसद, शिंदे गुट में हुए शामिल?
- संजय जाधव परभणी से सांसद हैं और इनका मराठवाड़ा में मजबूत जनाधार है।संजय देशमुख (यवतमाल-वाशिम से सांसद हैं, टूट के अटकलों के समय केंद्रीय मंत्री से मुलाकात को लेकर चर्चा में आए।
- बाबासाहेब (भाऊसाहेब) वाकचौरे (शिरडी) से सासंद हैं। पहले कांग्रेस और भाजपा में रहे, बाद में उद्धव गुट में लौटे और एक बार फिर पाला बदलते हुए शिंदे गुट में शामिल हो गए हैं।
- नागेश पाटिल अष्टिकर हिंगोली से सांसद हैं और मराठवाड़ा की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
- ओमराजे निंबालकर धाराशिव से सांसद हैं और मजबूत प्रभाव वाले क्षेत्रीय नेता हैं।
- इनके अलावा संजय दीना पाटिल बगावत कर शिंदे गुट में शामिल हो गई हैं।
महाराष्ट्र में 16 विधायक भी शिंटे गुट में होंगे शामिल।
यह टूट केवल दिल्ली की संसद तक सीमित नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र विधानसभा में भी फिर से बड़े उलटफेर की सुगबुगाहट तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, वर्तमान में महाराष्ट्र विधानसभा में उद्धव ठाकरे नीत पार्टी के पास कुल 20 विधायक हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इनमें से लगभग 16 विधायक भी बहुत जल्द पाला बदलकर उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खेमे में शामिल हो सकते हैं।
लोकसभा में NDA की बढ़ गई ताकत
इस टूट का सीधा फायदा केंद्र की सत्तारूढ़ एनडीए को मिलने जा रहा है। शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों के आने के बाद निचले सदन में एनडीए का संख्या बल अब 320 के आंकड़े के करीब पहुंच चुका है। विश्लेषकों का मानना है कि केंद्र सरकार संसद में दो-तिहाई बहुमत जुटाने के बेहद करीब है ताकि आने वाले समय में महत्वपूर्ण संविधान संशोधन विधेयक आसानी से पारित कराए जा सकें।
विपक्ष की ताकत हुई कमजाेर
संसद के इस नए अंकगणित ने विपक्षी खेमे को बड़ा झटका दिया है। विपक्षी गठबंधन जहां एकजुट होकर सरकार को घेरने की योजना बना रहा था, वहीं इस तगड़े झटके ने उनकी रणनीति को प्रभावित किया है। शिवसेना (यूबीटी) जैसी मजबूत क्षेत्रीय पार्टी का कमजोर होना विपक्षी एकजुटता के लिए एक असहज स्थिति पैदा कर रहा है। आने वाले दिनों में इसका असर अन्य राज्यों की राजनीति पर भी दिख सकता है।














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