उद्धव ठाकरे की मां मीनाताई ठाकरे की प्रतिमा पर फेंका गया लाल रंग, शिवसैनिकों में आक्रोश
Uddhav Thackeray News: महाराष्ट्र की राजनीति में बुधवार, 17 सितंबर को उस समय हड़कंप मच गया जब शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे की पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की दिवंगत मां मीनाताई ठाकरे की प्रतिमा पर किसी अज्ञात शख्स ने लाल रंग का पेंट फेंक दिया।
यह घटना मुंबई के दादर स्थित शिवाजी पार्क की है। सुबह करीब 6:15 बजे यह कृत्य किया गया, जिसकी जानकारी स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी। घटना की सूचना मिलने के बाद उद्धव ठाकरे खुद मौके पर पहुंचे और अपनी मां की प्रतिमा के पास श्रद्धांजलि दी।

उनके साथ शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) यानी सेना (UBT) के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। इस दौरान वहां भारी संख्या में शिवसैनिक इकट्ठा हुए और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि घटना के समय आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में एक शख्स प्रतिमा पर लाल पेंट फेंकते हुए नजर आया। सुबह लगभग 6:30 बजे प्रतिमा पर पेंट दिखाई दिया जिसके बाद यह खबर फैली और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शिवाजी पार्क पहुंच गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
उद्धव गुट के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और तुरंत प्रतिमा की सफाई कर उसे दोबारा सामान्य स्वरूप में लाने की कोशिश की। इस दौरान स्थानीय विधायक महेश सावंत भी मौजूद रहे।
उद्धव गुट का सरकार पर हमला
महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री योगेश कदम, जो मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुट से हैं, ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि उनके पिता रामदास कदम ने ही बाल ठाकरे के निर्देश पर यह प्रतिमा स्थापित करवाई थी। उन्होंने मीनाताई ठाकरे को "सभी शिवसैनिकों की मातृशक्ति" बताते हुए कहा कि यह मुद्दा भावनात्मक है और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शिवसेना (UBT) के नेता और सांसद अनिल देसाई ने इस घटना को राज्य सरकार की नाकामी बताया। उन्होंने कहा, "यह सरकार की असफलता है कि मातृशक्ति की प्रतिमा भी सुरक्षित नहीं रह पाई।" वहीं, पार्टी के वरिष्ठ नेता मिलिंद नार्वेकर और दिवाकर रावते भी मौके पर पहुंचे।
विधायक महेश सावंत ने इस घटना को हाल ही में हुए "सिंदूर विरोध" से जोड़ते हुए कहा कि यह घटना शायद उसी का नतीजा है। उन्होंने दावा किया कि 14 सितंबर को एशिया कप में भारत-पाकिस्तान मैच के विरोध में सेना (UBT) ने जो आंदोलन किया था, उसके बाद से ही ऐसी घटनाओं की आशंका थी।
मीनाताई ठाकरे का योगदान
मीनाताई ठाकरे का निधन 1995 में हुआ था। तब से उनकी प्रतिमा शिवाजी पार्क में स्थापित है और शिवसैनिकों के लिए यह श्रद्धा का केंद्र रही है। यह घटना केवल एक प्रतिमा से जुड़े अपमान की नहीं बल्कि ठाकरे परिवार और शिवसैनिकों की भावनाओं से जुड़े मुद्दे के रूप में देखी जा रही है। अब देखना यह है कि पुलिस जांच में कौन से तथ्य सामने आते हैं और दोषियों पर कितनी सख्ती से कार्रवाई की जाती है।












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