Shiv Sena UBT में सेंध के घायल Uddhav Thackeray सड़क पर उतरेंगे, बागियों के गढ़ में करेंगे शक्ति प्रदर्शन
Maharashtra Politics: महाराष्ट् में शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों की बागवतत के बाद पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे डैमेज कंट्रोल में जुट चुके हैं। उद्धव ठाकरे ने राज्यव्यापी जनसंपर्क अभियान शुरू करने का फैसला किया है। यह दौरा उन लोकसभा क्षेत्रों पर केंद्रित होगा, ये वो संसदीय क्षेत्र होका जहां के सांसदों के पाला बदलने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
इस अभियान के जरिए ठाकरे संगठन को मजबूत करने और अपने कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाने के लिए सीधे जमीन पर उतर रहे हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बताया कि उद्धव ठाकरे विदर्भ और मराठवाड़ा के उन क्षेत्रों से अपने दौरे की शुरुआत करेंगे जो इस समय चर्चा के केंद्र में हैं।

उद्धव ठाकरे के महाराष्ट्र किन क्षेत्रों में करेंगे जनसपर्क?
यह जनसंपर्क अभियान आगामी 27 जून से शुरू होने जा रहा है। दौरे के पहले दिन यानी 27 जून को ठाकरे विदर्भ के यवतमाल और वाशिम के साथ-साथ मराठवाड़ा के हिंगोली के पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। इसके बाद अगले दो दिनों में वे अन्य महत्वपूर्ण लोकसभा क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लेंगे।
बागी सांसदों के जिलों में 27 से 29 जून को पहुंचेगे उद्वव ठाकरे
इस दौरे के दूसरे दिन, यानी 28 जून को उद्धव ठाकरे परभणी और धाराशिव (उस्मानाबाद) जिलों का दौरा करेंगे। अभियान के अंतिम दिन, 29 जून को वे शिर्डी पहुंचेंगे, जहाँ वे पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इन सभी विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों में हाल ही में महाविकास अघाड़ी के प्रति मतदाताओं का भारी रुझान देखा गया था।
कौन हैं वो बागी सांसद?
बता दें शिवसेना (यूबीटी) के कई सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली मूल शिवसेना में शामिल होने का ऐलान कर चुके हैं। पार्टी की बैठक से नदारद रहने वाले सांसदों में यवतमाल-वाशिम के सांसद संजय देशमुख, हिंगोली के सांसद नागेश पाटिल अष्टिकर और परभणी के संजय जाधव शामिल हैं। इनके अलावा शिर्डी के सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे, मुंबई उत्तर-पूर्व के सांसद संजय दीना पाटिल और धाराशिव के सांसद ओमप्रकाश राजे निंबालकर शामिल हैं।
उद्धव ठाकरे की क्या है रणनीति?
पार्टी के भीतर इस बगावत को रोकने के लिए अब नेतृत्व ने सीधे कैडर से संपर्क साधने की रणनीति अपनाई है। उद्धव ठाकरे का मानना है कि यदि जमीनी कार्यकर्ता उनके साथ मजबूती से खड़े रहेंगे, तो किसी भी बड़े नेता के पाला बदलने से संगठन की सेहत पर कोई दीर्घकालिक असर नहीं पड़ेगा।
बगावत के बाद एक्टिव हुए उद्धव ठाकरे
महाराष्ट्र दौरे से पहले उद्धव ठाकरे ने मुंबई के जमीनी स्तर पर भी सक्रियता बढ़ा दी है। उन्होंने रविवार को मुंबई के भांडुप पश्चिम और घाटकोपर स्थित अपनी पार्टी के शाखा कार्यालयों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत की और उनका हौसला बढ़ाते हुए उन्हें भविष्य के संघर्ष के लिए तैयार रहने को कहा।
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ठाकरे ने कार्यकर्ताओं से माफी मांगते हुए कहा, "मैं आप सभी से माफी मांगना चाहता हूं कि मैंने आपसे गद्दारों को वोट देने की अपील की थी। मैंने सभी लोकसभा क्षेत्रों में जाकर उनके लिए चुनाव प्रचार किया था। मैंने उन्हें टिकट दिया, लेकिन चुनाव जीतने के बाद उनका राजनीतिक मोल बढ़ गया और उन्होंने खुद को बेच दिया।"
भाजपा की रणनीति और कांग्रेस के साथ का संकल्प
ठाकरे ने महाविकास अघाड़ी में कांग्रेस के प्रति अपनी पार्टी के समर्थन को दोहराया। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज भाजपा की हालत ऐसी हो गई है कि कोई नहीं जानता कि उनका राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन है। ठाकरे ने तंज कसा कि भाजपा पहले 'कांग्रेस मुक्त भारत' की बात करती थी, लेकिन अब यह पार्टी खुद 'भाजपा-युक्त कांग्रेस' बन चुकी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वह दिन दूर नहीं जब भाजपा के शीर्ष पद पर भी कोई कांग्रेस से आया हुआ नेता दिखाई देगा।













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