कभी 250 रुपए तो कभी फ्री, टमाटर के भी नहीं मिल रहे भाव! किसान भी हैरान, इस मंडी में मुफ्त में बंटा
किसानों की उपज की सही कीमत कब मिलेगी ये एक बड़ा सवाल है। सब्जियों की खेती करने वाले किसानों को जोखिम भी काफी उठाना पड़ता है। टमाटर और प्याज के दामों में कभी अप्रत्याशित उछाल आता है। लेकिन जब दाम गिरते हैं तो किसानों को रूलाने की भी स्थिति होती है। आजकल टमाटर के घटते दाम की वजह से कुछ ऐसी ही स्थिति बनी है। महाराष्ट्र की एक सब्जी मंडी में टमाटर के भाव इतने गिर गए कि कुछ उत्पादकों फ्री में टमाटर देना पड़ गया।
टमाटर की कीमतें करीब दो महीने पहले आम आदमी की पहुंच से ही दूर हो गई थीं। कई मंडियों इसका दाम 250 रुपए प्रतिकिलो के आसपास रहा। ऐसे में किसानों ने टमाटर के उत्पादन पर फोकस किया लेकिन अब गिरते दाम किसानों की चिंता बढ़ा रहे हैं। जब मंडियों में नए टमाटर की आवक शुरू हुई तो दाम पांच रुपए से भी कम हो गए। महाराष्ट्र के लातूर के मार्केट में हर दिन 5000 कैरेट टमाटर की आवक हो रही है। ऐसे में यहां सिर्फ 3 रुपए प्रति किलो के रेट से बिक रहा है। जिसके चलते किसानों में काफी निराशा है।

लातूर में तीन से पांच रुपए प्रतिकिलो की थोक रेट पर मिलने वाला टमाटर कभी रिटेल में 250 रुपए किलो बिक रहा था। लेकिन अब हालत कुछ ऐसी ही महाराष्ट्र के किसान इस उपज के गिरते दाम से चिंतित है। उपज की सही कीमत ना मिलने पर कुछ उत्पादकों ने स्थानीय स्तर पर फ्री में टमाटर वितरित कर दिए। यह स्थिति महाराष्ट्र के लातूर जिले के मुरुड गांव में किसानों की है। दरअसल, उन्होंने टमाटर के भाव में भारी गिरावट के चलते गांव की मंडी में टमाटर को फ्री में बांटना शुरू कर दिया।
टमाटर फ्री बेंचना तालूर के किसानों का दर्द है। जिन किसानों ने 2 से 3 हेक्टेयर में टमाटर की खेती की थी, जिस पर उन्होंने 2 से 3 लाख का खर्च किया था, अब दाम गिरने से वो लागत तक नहीं निकाल पा रहे हैं।












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