'श्रद्धा की शिकायत पर 2020 में क्यों नहीं हुई कार्रवाई'- जांच करवाएंगे महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री फडणवीस
श्रद्धा वाकर की लिवइन पार्टनर आफताब ने 18 मई को हत्या कर दी थी और उसके शव के 35 टुकड़े करके फ्रिज में रखा दिया था। इसके बाद धीरे-धीरे करके शव के टुकड़ों को महरौली के जंगलों में फेंक दिया। मामले में दिल्ली पुलिस जांच कर रही है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे हर दिन नए और चौकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। बुधवार को श्रद्धा वाकर की शिकायत की एक पुरानी चिट्ठी हुई वायरल हुई थी। इस चिट्ठी के जरिए वाकर ने महाराष्ट्र पुलिस को शिकायत करते हुए कहा था कि आफताब उसे जान से मारने और टुकड़े-टुकड़े करने की धमकी देता है।

शिकायत पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री फडणवीस ने दी प्रतिक्रिया
श्रद्धा वाकर की तरफ से की गई इस शिकायत तब क्यों जांच नहीं हुई? इस पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री फडणवीस की प्रतिक्रिया सामने आई है। एक टीवी चैनल से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि श्रद्धा की तरफ से साल 2020 में की गई शिकायत काफी गंभीर थी। उन्होंने कहा कि अगर उस वक्त जांच हो जाती तो श्रद्धा की जान बच जाती। फडणवीस ने कहा कि वे इस मामले की अब जांच कराएंगे कि आखिर क्यों उस वक्त मामले की जांच नहीं की गई थी?
तूलिंज पुलिस स्टेशन में कराई थी शिकायत
2020 में श्रद्धा वाकर की तरफ से तूलिंज पुलिस स्टेशन में शिकायत की गई थी। इस शिकायत के जरिए श्रद्धा ने आरोप लगाया था कि आफताब उसके साथ मारपीट करता है और जान से मारने की धमकी व टुकड़े-टुकड़े करने की भी बात कहता है।
श्रद्धा हत्याकांड का ऐसे हुआ खुलासा
श्रद्धा और आफताब एक डेटिंग एप के जरिए मिले थे। श्रद्धा मुंबई की रहने वाली थी। जबकि आफताब भी यहीं का रहने वाला था। दोनों के बीच बातचीत आगे बढ़ी तो एक साथ रहने लगे। हालांकि श्रद्धा के परिवार वाले इस रिश्ते के खिलाफ थे। पिता ने जब श्रद्धा को आफताब के साथ रहने से मना किया तो उसने पिता से ही संबंध खत्म कर लिए थे और कहा था कि मैं आज से आपके लिए मर गई हूं। इन सबके बावजूद भी श्रद्धा के परिवार वाले उस पर दोस्तों के जरिए नजर रख रहे थे।
वहीं, श्रद्धा की बात जब कुछ दिनों तक दोस्तों से नहीं हुई तो दोस्तों ने इसकी जानकारी श्रद्धा के पिता को दी। इसके बाद पिता ने पालघर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। मामले में जब जांच शुरू हुई तो श्रद्धा की आखिरी लोकेशन दिल्ली में मिली। जिसके बाद पालघर पुलिस ने मामले को दिल्ली पुलिस को सौंप दिया था। जांच के लिए दिल्ली पुलिस ने आफताब से पूछताछ की तो वह सच नहीं बता रहा था और कह रहा था कि श्रद्धा उसे छोड़कर कहीं चली गई है। हालांकि, जब दिल्ली पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो उसने सच उगल दिया।
ये भी पढ़ें- उपमुख्यमंत्री मुत्याला नायडू- 'तेदेपा नेताओं के लिए कोई विशेष कानून नहीं है












Click it and Unblock the Notifications