अजित पवार के एनसीपी संगठन में काम करने की इच्छा पर शरद पवार ने तोड़ी चुप्पी, कर गए बड़ा इशारा
एनसीपी नेता अजित पवार की ओर से पार्टी संगठन में काम करने की इच्छा जाहिर करने के बाद शरद पवार ने सोमवार को इस मामले में पहली बार चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा है कि इस तरह के फैसले एक व्यक्ति नहीं ले सकता और इसके लिए पार्टी के प्रमुख नेता बैठेंगे और कोई निर्णय करेंगे।
अजित पवार एनसीपी चीफ शरद पवार के भतीजे हैं और हाल ही में उन्होंने पार्टी नेतृत्व से महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी से मुक्त करके पार्टी संगठन में ही कोई पद देने की मांग की थी। कहा जा रहा है कि उनकी इच्छा प्रदेश एनसीपी अध्यक्ष बनने की है। इसी पर बड़े पवार ने अब जाकर प्रतिक्रिया दी है।

सुप्रिया सुले और प्रफुल्ल पटेल हैं कार्यकारी अध्यक्ष
गौरतलब है कि अजित पवार की मांग से ठीक पहले ही शरद पवार ने पार्टी के कार्यकारी अध्यक्षों के तौर पर अपनी बेटी और सांसद सुप्रिया सुले को महाराष्ट्र की और वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल को दूसरे राज्यों की जिम्मेदारी सौंपी थी। यानी अभी एनसीपी संगठन में शरद पवार के बाद सुप्रिया सुले और प्रफुल्ल पटेल ही सबसे प्रमुख पदों पर मौजूद हैं।
शरद पवार का इशारा क्या है?
शरद पवार ने पार्टी के प्रमुख नेताओं के साथ बैठक कर अजित पवार की मांग पर फैसला लेने की बात की है। इस हिसाब से वह सुले और पटेल दोनों के साथ मिलकर फैसला करने का इशारा कर रहे हैं। सुप्रिया सुले उम्र में अपने चचेरे भाई अजित पवार से लगभग 10 वर्ष छोटी हैं।
गौरतलब है कि पार्टी के एक और नेता छगन भुजबल ने भी खुद को ओबीसी नेता होने की वजह से प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग की है। भुजबल को एनसीपी प्रमुख का बहुत ही करीबी माना जाता है।
फडणवीस को पवार का जवाब
शरद पवार से महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उस टिप्पणी के बारे में भी पूछा गया कि सीएम एकनाथ शिंदे (पिछले साल शिवसेना नेतृत्व से बगावत को) के विद्रोह के 'विश्वासघात' कहा गया, जबकि 1978 में खुद शरद पवार के कार्य को 'रणनीति' बताया गया था।
'तब वे छोटे बच्चे रहे होंगे'
पवार ने इस बारे कहा कि उस समय उन्होंने जो सरकार बनाई थी, 'भाजपा' भी उसकी हिस्सा थी। वे बोले, 'तब वे छोटे बच्चे रहे होंगे, इसलिए उन्हें इतिहास की जानकारी नहीं है। लेकिन, उनकी जानकारी के लिए मैं बताना चाहूंगा कि जब मैंने सरकार बनाई थी, सब को साथ लिया था।'
उन्होंने कहा कि उस समय उत्तमराव पाटिल उपमुख्यमंत्री थे, जो कि जनसंघ (बीजेपी से पहले) से थे। शरद पवार ने कहा, 'क्योंकि तब वे (फडणवीस) प्राइमरी स्कूल में थे, इसलिए आज इस तरह का बयान दे रहे हैं, जानकारी नहीं होने के कारण। '
'तब उनका बहुत-बहुत स्वागत है'
तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव की ओर से महाराष्ट्र की राजनीति में कदम रखने की कोशिशों के बारे में पवार बोले कि 'राज्य में वे (केसीआर) अलग तरह की राजनीतिक तस्वीर पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। अगर वह सही में सेवा (यहां के लोगों की) करना चाहते हैं, तब उनका बहुत-बहुत स्वागत है।'
केसीआर मंगलवार को भी महाराष्ट्र के पवित्र पंढरपुर और तुलजापुर शहरों के दौरे पर जाने वाले हैं। पवार से जब महाराष्ट्र में भारत राष्ट्र समिति की चुनावी संभावनाओं पर सवाल किया गया तो वे बोले कि इसके बारे में तो चुनावों के बाद बाद ही पता चलेगा। (इनपुट-पीटीआई)












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