महाराष्ट्र: स्थानीय निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण से SC का इनकार, उद्धव सरकार ने बुलाई कैबिनेट बैठक
मुंबई, 03 मार्च: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा है कि महाराष्ट्र में स्थानीय निकायों के चुनाव में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण लागू नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार और राज्य चुनाव आयोग को राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की उस अंतरिम रिपोर्ट पर कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया है, जिसमें स्थानीय निकायों के चुनाव में ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण की सिफारिश की गई है। कोर्ट ने कहा है कि राज्य में होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण नहीं होगा।

ओबीसी कोटा पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तुरंत बाद उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार ने कैबिनेट की बैठक बुला ली है। बैठक में इस मामले पर आगे क्या कदम उठाए जाएं, इस पर चर्चा की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सरकार के लिए झटका माना जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट में महाराष्ट्र में स्थानीय निकायों में ओबीसी आरक्षण संबंधी याचिकाओं पर काफी समय से सुनवाई चल रही है। पिछली सुनवाई में महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग (एसबीसीसी) ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट में स्थानीय निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 प्रतिशत तक आरक्षण देने की सिफारिश की है। राज्य सरकार ने शीर्ष अदालत में कहा था कि अंतरिम रिपोर्ट की सिफारिश को ध्यान में रखते हुए आगामी चुनाव को ओबीसी आरक्षण के साथ आयोजित करने की अनुमति दी जानी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने इस रिपोर्ट की सिफारिशों को मानने से इनकार करते हुए गुरुवार को कहा कि चुनाव बिना ओबीसी आरक्षण के ही कराए जाएं।
बता दें कि महाराष्ट्र में बीते साल, 2021 स्थानीय निकाय के चुनाव होने थे। अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 फीसदी आरक्षण के मामले के चलते निकाय चुनाव स्थगित कर दिए गए थे। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बिना आरक्षण के ही ये चुनाव कराए जाएंगे।












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