संजय राउत का बीजेपी पर निशाना, कहा- हिंसा महाराष्ट्र सरकार को अस्थिर करने की साजिश
मुंबई, 13 नवंबर: शिवसेना सांसद संजय राउत ने शनिवार को कहा कि महाराष्ट्र के अमरावती और अन्य जगहों पर हिंसा का उद्देश्य महा विकास आघाडी (एमवीए) सरकार को अस्थिर करना है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का नाम लिए बिना शिवसेना के राज्यसभा सांसद ने कहा कि राज्य सरकार काठी में दृढ़ है और दावा किया कि भविष्य में भी ऐसी घटनाएं हो सकती हैं। बता दें कि, अमरावती में शनिवार सुबह कथित रूप से भाजपा द्वारा बुलाए गए बंद के दौरान भीड़ ने पथराव किया और दुकानों में तोड़फोड़ की।

संजय राउत ने आगे कहा कि, हिंसा को बढ़ावा देते हुए वे (विपक्ष) राज्यपाल से मिलेंगे और केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर दावा करेंगे कि महाराष्ट्र में (कानून और व्यवस्था की) स्थिति बिगड़ रही है। भविष्य में भी ऐसा होगा। लेकिन, राज्य सरकार इससे कड़ाई से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस हिंसा के पीछे के 'असली चेहरे' राज्य के गृह विभाग की जांच में बेनकाब होंगे।
कथित तौर पर भाजपा द्वारा बुलाए गए बंद के दौरान आज सुबह अमरावती में भीड़ ने पथराव किया और दुकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया। त्रिपुरा सांप्रदायिक हिंसा के विरोध में विभिन्न जिलों में मुस्लिम संगठनों द्वारा आयोजित रैलियों के दौरान शुक्रवार को पथराव की घटनाओं के खिलाफ बंद के दौरान शनिवार को हिंसा हुई। अमरावती के एक पुलिस अधिकारी ने कहा किअमरावती के राजकमल चौक इलाके में सैकड़ों लोग नारे लगाते हुए सड़कों पर निकल आए। उनमें से कई लोगों के हाथों में भगवा झंडा था। उनमें से कुछ ने दुकानों पर पथराव किया और उन्हें जबरन क्षतिग्रस्त कर दिया।
शुक्रवार की हिंसा के सिलसिले में पुलिस अब तक 20 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है और अन्य आरोपियों की पहचान सीसीटीवी व अन्य स्रोतों से की जा रही है। राज्य भर के मुसलमानों ने त्रिपुरा में सांप्रदायिक हिंसा के खिलाफ एक विरोध रैली निकाली थी, जिसके दौरान नांदेड़, मालेगांव, अमरावती और कुछ अन्य स्थानों पर पुलिस और दुकानों पर पथराव किया गया था। नांदेड़ शहर में हुए पथराव में आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए और भीड़ ने पुलिस के चार वाहनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
इस बीच महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि त्रिपुरा में जो घटना घटी ही नहीं, उसे लेकर महाराष्ट्र में हो रहे दंगे बिल्कुल गलत हैं। महाराष्ट्र के राजनीतिक दलों को भड़काऊ बयान नहीं देने चाहिए। उन्होंने कहा, त्रिपुरा में जो घटना हुई ही नहीं उसके लिए महाराष्ट्र में रैलियां आयोजित करना बिलकुल गलत है। एक विशेष समुदाय की दुकानों पर हमला करना गलत है।












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